बेटी करती रही बचाव की गुहार लेकिन मां समा गयी जमीन में बने रहस्यमयी गड्ढे में,घंटों की मशक्कत बााद 50 फिट नीचे मिली लाश

जौनपुर। बरिश के चलते जलजमाव और मकानों के ध्वस्त होने की खबरें आ रही है लेकिन रविवार को जागनपुर गांव (बक्शा) में कुछ ऐसा हुआ जिससे सभी के होश उड़ गये। दरअसल गांव के रहने वाले अरुण यादव की पत्नी शोभावती (45) घर से कुछ दूरी पर बने एक रहस्यमयी गड्ढे में समा गयी। दर्दनाक यह रहा कि बेटी काजल (12) बचाव की गुहार लगाती रही लेकिन जब तक कोई कुछ समझे महिला नीचे समाती चली गयी। जानकारी मिलने पर आस पास के गांवों से भी सैकड़ों लोग वहां जुट गये। स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और गांव वालों ने 20 फीट अंदर गद्दे की खुदाई की लेकिन महिला का पता नहीं चल सका। बाद में जेसीबी मशीन मंगा कर उस गड्ढे कीखुदाई करना शुरू करते हुए फायर बिग्रेड और एनडीआरएफ को बुलाया गया। आठ घंटे की मशक्कत के बाद शोभावती मिली लेकिन उसकी सांसे घंटों पहले ही थम चुकी थी।

छोटा सा व्यास लेकिन गहराई अपार

शोभावती रोजाना की तरह भैंस दुहने के बाद दूध घर में रख कर बाहर निकली थी। बरामदा पार करते उसका पैर मिट्टी में धंसा। उसने निकालने की कोशिश की लेकिन और गहरायी में समाती गयी। बेटी काजल ने यह मंजर देखा तो शोर मचाने लगी जिस पर आसपास के लोग जुटने लगे। गर्दन तक मिट्टी में समाते देख रस्सी फेंकी गयी लेकिन इसे थामने से पहले वह अंदर समा गयी। देखने पर सिर्फ दो फिट व्यास का गड्ढा था लेकिन टार्च जलाने पर इसकी  गहरायी का अंदाज नहीं लग पा रहा था। इसके बाद पुलिस से लेकर प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। लेकिन कुछ कर नहीं सके।

दशकों पर पाटा गया था कुंआ

घटनाक्रम में पुलिस-प्रशासन के हाथखड़े करने पर मोर्चा एनडीआरएफ ने संभालाष लगभग दो बजे शव को निकाला जा सका। गांव वालों का कहना था कि इस स्थान पर पहले एक कुंआ था लेकिन पांच दशक पहले इसे पाट दिया गया था। यहां आबादी बस गयी थी। पिछले कई दिनों से हो रही बारिश के चलते मिट्टी बैठी होगी जिसके बाद भीतर दलदल बना। इसी के गड्ढे में शोभावती समा गयी। 

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