‘दूध’ के नाम पर डेयरी फार्म में चल रहे था ‘डिटर्जेंट’ का खेल, खाद्य विभाग की छापेमारी में चौंकाने वाले खुलासे

वाराणसी। शहरों में लोग पैकेट बंद दूध पर खासे निर्भर है। अब तक मंडियों में मिलने वाले दूध को लेकर गड़बड़िया मिलती थी लेकिन मंगलवार को जगतपुर की एक डेयरी में खाद्य विभाग ने छापेमारी की तो चौंकाने वाले खुलासे हुए। सुबह सात बजे सहायक आयुक्त हरिमोहन श्रीवास्तव के नेतृत्व में खाद्य विभाग की टीम ने प्योर डेरी सल्शून नामक दुग्ध डेरी फार्म पर खाद्य विभाग के अधिकारियों द्वारा छापेमारी की कार्रवाई की। इस दौरान हजारों लीटर मिलावटी दूध को नष्ट किया गया जिसकी कीमत लगभग साढ़े चार लाख रुपया बतायी गयी है। इसके अलावा 280 किलोग्राम क्रीम भी सीज किया गया। खाद्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि प्योर सल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड नामक कम्पनी काशी संयोग नाम से दूध बनाती है। शिकायत पर इसकी सैम्पलिंग की गयी थी जिसमे दूध के नाम पर बिकने वाले पदार्थ में डिटर्जेंट की भारी मात्रा पायी गयी है। इस पर कार्रवाई करते हुए लगभग10 हजार लीटर दूध डिस्पोज किया गया।

कसेगा मालिकान पर शिकंजा

खाद्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि पैक दूध और खुला दूध मिलाकर कुल 9814 लीटर दूध यहां पर डिस्पोज किया गया। छापेमारी के दौरान मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी संजीव सिंह ने बताया कि 19 मई की रात 10:30 से 2:30 तक दूध के चार नमूने लेकर जांच के लिए भेज दिया गया था जो जांच के दौरान मिलावटी पाया गया। इसके अलावा 21 मई को घी बनाने वाले क्रीम का भी नमूना भेजा गया है जिसका रिपोर्ट अभी आना बाकी है। इसके बाद रिपोर्ट बनाकर एसीएम की अदालत में पेश किया जाएगा।जिससे इस सम्बन्ध में अगली कार्रवाई मालिकों के विरुद्ध सुनिश्चित की जाएगी। छापेमारी के दौरान खाद्य विभाग के वाराणसी मंडल के सहायक आयुक्त हरिमोहन श्रीवास्तव , संजीव सिंह मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी रमेश सिंह, डॉक्टर गोविंद यादव, अवनीश सिंह, महातम यादव इत्यादि खाद्य सुरक्षा अधिकारी की टीम उपस्थित रहे।

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