आजमगढ़। इन दिनों देश में भीड़तंत्र को लेकर खासी बहस चल रही है। सुप्रीम कोर्ट भी इस पर चिन्ता जता चुका है। बावजूद इसके घटनाओं में कमी आते नहीं दिख रही है। ताजा मामला बूढ़ापुर कुतुबअली गांव (दीदारगंज) का है। यहां पर करीबी मित्र की बहन के घर पंचायत में शामिल होने की खातिर पहुंचे कंचन राजभर (30) को मंगलवार की दोपहर गांववालों ने इस लाठी-डंडों के संग लात और घूसों से इस कदर पीटा कि बुधवार की सुबह जिला अस्पताल में उसकी सांसे थम गयी। मॉच लीचिंग की वारदात संज्ञान में आने के बाद पुलिस के होश फाख्ता हो गया। आनन-फानन में आठ लोगों को नामजद और एक दर्जन से अधिक अज्ञात लोगों के मुकदमा कायम करने के साथ दो को गिरफ्तार कर लिया गया है। शेष आरोपितों की तलाश में छापेमारी का सिलसिला जारी है।

थाने से लेकर तहसील तक लगायी थी गुहार

बताया जाता है कि बूढ़ापुर कुतुबअली गांव के रामसूरत यादव तथा धर्मराज यादव के बीच रास्ते का विवाद है। आरोप है कि धर्मराज ने सार्वजनिक रास्ते में ईंट रखकर बंद कर दिया है। विवाद सुलझाने के लिए कई बार मामला तहसील और थाने तक गुहार लगायी गयी लेकिन नतीजा नहीं निकला। मंगलवार को विवाद सुलझाने के लिए रामसूरत यादव ने पंचायत बुलाई थी। इसमें कंजरपुर गांव (पवई) निवासी रामसूरत का साला अपने मित्रों के संग पहुंचा था। तीन बाइक और एक बोलेरो में सवार होकर यह लोग गए थे। पंच और रामसूरत के पक्ष में तमाम लोग जुट गए। फोन कर विपक्षी धर्मराज यादव को मौके पर बुलाया गया। आरोप हैकि धर्मराज के पहुंचने पर विवाद बढ़ा जिसमें हाथापायी शुरू हो गयी। भागने के फेर में धर्मराज बाइक समेत पोखरे में गिर गया। धर्मराज पर हमला देख मौजूद लोगों पंंचायत में मौजूद बाहरियों पर धावा बोल दिया। दूसरे तो भाग निकले लेकिन कंचन बचने के लिए गन्ने के खेत में छिप गया। ग्रामीण ने उसे खेत से बाहर निकालकर बुरी तरह से पीटा। इस दौरान सूचना मिलते ही पुलिस पहुंच गई जिसे देख हमलावर भाग निकले।

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