वाराणसी। अब तक रेल या बस से यात्रा करे वालों को जहरखुरानों का शिकार होने की घटनाएं प्रकार में आती थी लेकिन सउदी अरब से बाबतपुर एयरपोर्ट आने वाले राजेन्द्र प्रसाद पाल (42) को अपनी एक गलती की कीमत जान देकर चुकानी पड़ी। वजह, राजेन्द्र जिस आटो पर सवार हुआ था उसके ड्राइवर ने विश्वास में लेकर शराब पीने का आफर दिया और उसमें नशीले पदार्थ की मात्रा इतनी अधिक कर दी कि प्राण पखेरू उड़ गये। यह एक ऐसा मर्डर था जिसका कोई सुराग नहीं था। पूरी तरह से ब्लाइंड मर्डर के खुलासे का टास्क क्राइम ब्रांच को सौंपा गया था। ओम नारायण सिंह के नेतृत्व में टीम ने आला अफसरों की उम्मीद के अनुरूप वारदात को अंजाम देने वाले को धर-दबोचा। बुधवार को एसएसपी आरके भारद्वाज ने गिरफ्तार आरोपित अमित पाण्डेय उर्फ वीरू को धर-दबोचा। तलाशी में उसके पास से लूटा गया सामान बरामद हुआ है। उसके साथी रििव पटेल उकी तलाश में दबिश दी जा रही हैष एसएसपी ने खुलासे में शामिल टीम को पांच हजार पुरस्कार देने की घोषणा की है।

एयरपोर्ट आने के बाद से हो गया था लापता

डाफी लंका निवासिनी श्रीमती सुनीता पाल ने 6 सितंबर को फूलपुर थाने में अपने पति राजेन्द्र के संदिग्ध हालात में लापता होने की रपट दर्ज करायी थी। राजेन्द्र सउदी अरब से नई दिल्ली आये थे और नई दिल्ली से उसी दिन बाबतपुर एयरपोर्ट पर उतरने के बाद कहीं गायब हो गये। इस गुमशुदगी की विवेचना में अगले दिन सूईचक थाना रोहनिया में एक अज्ञात शव बरामद हुआ जिसकी शिनाख्त राजेन्द्र प्रसाद पाल (गुमशुदा) के रूप में हुई। विवेचना के क्रम में क्राइम ब्रांच हत्या काण्ड में संलिप्त व्यक्ति अपने आटोरिक्शा के साथ सगुनहां मोड़ फूलपुर पर मौजूद है। इस पर एसओ फूलपुर विजय प्रताप सिंह के साथ दबिश देकर गिरफ्तारी की गयी।

मिनटों में तैयार की योजना, रास्ते में साथी को बुलाया

गिरफ्तार अमित ने बताया कि 6 सितंबर को मृतक कैण्ट रेलवे स्टेशन के पास अपने लगेज के साथ घर जाने के लिए आटो का इन्तजार कर रहे थे कि मैं डाफी चलने के लिए आवश्यक किराया तय कर अपने आटोरिक्शा में बैठाकर चल दिया। बातचीत के क्रम में ज्ञात हुआ कि सउदी अरब के किसी अच्छी कम्पनी में नौकरी करते हैं और वहां से आ रहे हैं। सामान देखकर तथा रुपए के लालच में अपने दोस्त वीरू उर्फ रवि पटेल को फोन कर बताया कि एक मालदार विदेशी पार्टी बैठाया हूं, नशीली दवा लेकर जल्दी आओ। राजेन्द्र को बातो-बातों में शराब पीने को कहा तो वह तैयार हो गया तब तक मेरा दोस्त भी आ गया।  हम दोनों उनसे घुलमिल गये तथा छक कर शराब पिलाये जब वह नशे में हो गया तब उसके गिलास में उस नशीली दवा को मिला कर पिला दिये और उसकी हालत ज्यादा खराब होने लगी तथा मुंह से झाग आने लगा तो उसके शरीर का सारा सामान लेकर आटोरिक्शा से लेकर सूईचक, गंगापुर रोहनियां के पास ले जाकर जब यह विश्वास हो गया कि अचेत अवस्था में हो गया तो उसे वही खेत में सड़क के किनारे फेंक कर उसका लगेज आदि सारा सामान लेकर फरार हो गये। बाद में मंै और वीरू पैसा व सामान बांट लिये।

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