वाराणसी। प्रभारी सत्र न्यायाधीश महंथ लाल की अदालत ने उमरहा (चौबेपुर) में हुए नाना की हत्या के आरोपी नाती नन्दलाल की जमानत अर्जी मंजूर कर ली। कोर्ट ने कहा कि आरोपी नामजद नही है। सिर्फ सन्देह के आधार पर आरोपी बनाया गया। कोई आपराधिक इतिहास नही है लेकिन 27 फरवरी से वह जेल में है। तथ्यों और परिस्थितियों में बिना गुण-दोष पर मत व्यक्त किये आरोपी को दो लाख के दो जमानतदार देने पर रिहा करने का आदेश दिया जाता है।

बचाव पक्ष ने दी थी यह दलील

आरोपी के अधिवक्ता चेंगेवारा गुड्डू व अभय सिंह के मुताबिक 21 फरवरी को वादिनी इंदुमती निवासी गौराकला को दिन में सुचना मिली कि उसके मायके उमरहा में दो लोग आये थे। एक अधिक और एक कम उम्र का रहा। उनके जाने के बाद 80 वर्षीय पिता राधेश्याम अचेतावस्था में हंै। वहां जाकर दीनदयाल अस्पताल ले जाया गया जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। आरोपी की तरफ से दलील रही कि वह गाजीपुर से आता जाता है सगा नाती है। अस्पताल दाखिल करने से लेकर दाह संस्कार तक शामिल रहा। पुलिस ने कोई खोजबीन न करके उसे ही फर्जी तरीके से आरोपी बना दिया।

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