वाराणसी। जंसा इलाके में रहने वाले शातिरों ने कोर्ट, बैंक, राजस्व एवं सप्लाई विभाग में फर्जी प्रपत्रों के सहारे कई घटनाओं को अंजाम दिया था। पिछले दिनों ऐसा ही प्रयास एसडीएम राजातालाब की कोर्ट में करना गले की फांस बन गया। जंसा पुलिस ने एसडीएम राजातालाब अंजनी कुमार सिंह के निर्देश पर बसवरिया गांव निवासी नंदलाल पाठक, श्यामसुंदर पाठक,शीतला प्रसाद पाठक के खिलाफ जालसाजी और धमकी देने के मामले में आईपीसी की धारा 419,420,467,468,504 और 506 के तहत मुकदमा कायम कर विवेचना शुरू कर दी है।

तीन पुत्रों के पिता को बता दिया नावल्द

ग्रामीणों ने एसडीएम राजातालाब अंजनी कुमार सिंह से शिकायत की थी कि साजिश के तहत कहां श्यामसुंदर पाठक द्वारा एसडीएम कोर्ट में बंटवारे के लिए दाखिल किए गए मुकदमे में बसवरिया गांव निवासी मृतक रामसूरत पाठक को टुकड़े भर जमीन के लिए औलाद होने के बावजूद भी उन्हें बेऔलाद बताया है। जबकि मृतक के पास तीन पुत्र हैं। वही नंदलाल पाठक ने एसडीएम कोर्ट में 15 साल से गायब अपने बड़े भाई गोपाल पाठक का एक फर्जी हस्ताक्षर आर्डर शीट पर बनाने के साथ उसके नाम से जवाबदेही लगाकर मुकदमा लड़ रहा हैं। मुकदमे के आरोपी साजिश के तहत बसवरिया गांव स्थित एक भूखंड पर भी फर्जी तरीके से खातेदार का नाम खारिज करवा कर उक्त जमीन को हड़पने के फिराक में पड़े हैं।

बैंक में भी खुल चुकी है पोल

अरोप है कि नंदलाल पाठक ने हाथी बाजार स्थित काशी गोमती संयुक्त ग्रामीण बैंक एवं दीनदासपुर स्थित कारपोरेशन बैंक की शाखा से फर्जी प्रपत्रों के सहारे होम लोन के साथ किसान क्रेडिट कार्ड बनवा लिया था। मामले का खुलासा होने पर दोनों शाखा प्रबंधकों ने ऋण की वसूली करने के बाद पत्रावलियां बंद कर दिया हैं। इतना ही नही श्रावस्ती मॉडल की टीम ने अपने जांच में पाया कि आरोपी नंदलाल पाठक ने बसवरिया गांव स्थित नवीन परती व चकरोड पर भी जबरन कब्जा कर लिया है। खास यह कि नंदलाल पाठक व उसके भाई के पास कोई पुत्र या भाई नहीं है, बावजूद राशन कार्ड में यूनिट बढ़वाने के लिए फर्जी तरीके से दो पुत्रो का नाम क्रमश: शुभम पाठक,राहुल पाठक का कार्ड में दर्ज करवा लिया था। एसडीएम ने संपूर्ण साक्ष्यों के आधार पर थानाध्यक्ष जंसा को मुकदमा दर्ज कर कार्यवाही करने का आदेश दिया था।

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