दिल्ली-महाराष्ट्र से आये नौ लोगों की कोरोना रिपोर्ट निगेटिव, कइयों के खिलाफ एफआईआर

मऊ। जनपद में आइसोलेशन सेंटर में रख गये दिल्ली व महाराष्ट्र से आये कुल 9 व्यक्तियों का सैम्पल जांच हेतु भेजा गया था, जिनकी रिपोर्ट आ गयी है। इनमें से कोई भी व्यक्ति कोरोना से संक्रमित नहीं पाया गया है। उन सभी का जांच में निगेटिव रिपोर्ट आयी है। डीएम ज्ञान प्रकाश त्रिपाठी ने सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में प्रेसवार्ता के दौरान बताया कि रविवार को चार सेम्पल और सोमवार को पांच कोरोना के संदिग्ध मरीजों का सेम्पलिंग कराकर भेज दिया गया हैं जिनकी रिपोर्ट आना बाकी है। डीएम ने चेताया कि जनपद में आये जमाती स्वयं निकटतम पुलिस स्टेशन या प्रशासन को सूचना दें, नहीं तो उनपर कड़ी और सख्त कारवाई होगी।

खुद होगें पेश तो नहीं जायेंगे जेल

डीएम का कहना है कि कोरोना के संक्रमण को रोकने के लिए मऊ में समस्त ऐसे लोगों में जो इन जमातों में शामिल रहे हो या जिनके घर पर ऐसे लोगों का आवागमन हुआ हो, उनसे अपील है कि स्वेच्छता से अपने नजदीकी थाने को सूचित करते हुये प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र/सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र अथवा जिला चिकित्सालय में अपना कोरोना सम्बन्धी मेडिकल परीक्षण जांच करा लें। यदि स्वेच्छा से परीक्षण कराते है तो ऐसे लोगों के विरुद्ध कोई दण्डात्मक कार्यवाही नहीं की जायेगी। अपील कि बाद भी जानबूझकर स्वयं को छिपाया गया तो उनके खिलाफ कठोर से कठोर कार्रवाई की जायेगी। कहा कि जनपद में अभी तक किसी भी तरह का कोई कोरोना पाजिटिव मरीज नहीं मिला है यह हम सबके लिए खुशी की बात है।

इनके खिलाफ हुई है कार्रवाई

थाना दक्षिणटोला में 19 मार्च 2020 को निजामुद्दीन दिल्ली में तबलीकी जमात में सम्मलित हुये आदिल निवासी पश्चिम रसड़ा (बलिया) जो अपने रिश्तेदार समीम अहमद तथा पत्नी हसीबुलनिशां निवासी मोमीनपुरा थाना दक्षिणटोला के घर आया हुआ था। इसने जमात में सम्मलित होने तथा अपनी उपस्थिति छुपायी। उसके संक्रमित होने की संभावना हो सकती है। सोमवार को मुखबिर की सूचना पर थाना दक्षिणटोला पुलिस ने हिरासत में लेकर उक्त तीनों के विरुद्ध आईपीसी की धारा 188,269 रपट दर्जकर आदिल को मेडिकल परीक्षण हेतु तथा दोनों आश्रयदाताओं को क्वारंटाइन किया गया। साथ ही साथ थाना कोतवाली पुलिस द्वारा देखभाल क्षेत्र व चेकिंग के दौरान जरिये मुखबिर सूचना मिली कि मोहल्ला कादीपुरा के डा. नेयाज अहमद जो विभिन्न जमातों से वापस आये है जो न तो मेडिकल परीक्षण कराये हैं और नही ही पुलिस प्रशासन को अवगत कराये है। इस सूचना पर उक्त व्यक्ति के घर पर जाकर पूछताछ की गयी तो उक्त सूचना सत्य पायी गयी। उसके के विरुद्ध भी आईपीसी की धारा 269,270 पंजीकृत कर मेडिकल परीक्षण हेतु भेजा गया।

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