कोरोना सबसे ‘कमजोर’ वायरस लेकिन संंक्रमण की रफ्तार सर्वाधिक, सीएम का सुझाव इसे रोकने पर ही दें ध्यान

वाराणसी। पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र काशी में पिछले कुछ दिनों से कोरोना पॉजिटिव की संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है। रविवार को प्रदेश के सीएम योगी ने बीएचयू के सेंट्रल हाल सभागार में मण्डल के जनपदों में कोविड वैश्विक महामारी के संक्रमण एवं इससे बचाव के साथ ही कोविड मरीजों के इलाज हेतु किये जा रहे कार्यो की विस्तार से समीक्षा की। कोविड वायरस को सीएम ने सबसे कमजोर वायरस बताते हुए कहा कि इसका संक्रमण केवल तीब्र है, संक्रमण रोकने के लिये सावधानी बरती जाय। साथ ही निर्देश दिये कि बीएचयू प्रशासन एवं जिला प्रशासन में समन्वय स्थापित कर कोविड मरीजों को बेहतर सुविधा देने हेतु व्यवस्थाये और पुख्ता की जाय।

पूर्वांचल ही नहीं बिहार तक का बीएचयू सहारा

सीएम का मानना था कि बीएचयू व जिला प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय से कार्य कर पूर्वांचल सहित अन्य प्रदेशों बिहार आदि को भी बेहतर चिकित्सा सुविधा दे सकता हैं। बीएचयू एल-3 लेवल के बेड में विस्तार व नान कोविड ओपीडी संचालित करें। सीनियर डॉक्टर भी कोविड मरीजों का विजिट करे। आरटीपीसीआर के टेस्ट बड़ाने पर मुख्यमंत्री ने बल दिया। कहा बीएचयू को राज्य सरकार से जो सहयोग चाहिए वह मिलेगा। बीएचयू ऐसा कार्य करे कि वह दूसरों के लिये अनुकरणीय हो। कोविड मरीजों को बेहतर से बेहतर चिकित्सा सुविधा मुहैया कराया जाय, इसमें कोई कोताही नही होनी चाहिये। मंडल में कोविड का अच्छा कार्य हुआ है, इसे और अच्छा करना हैं।

टेस्टिंंग अभियान पर रहा जोर

सीएम ने कांटेक्ट ट्रेसिंग व डोर टू डोर सर्वे पर विशेष जोर देते हुए इसे सफलता से चलाने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि सर्विलांस सही इंसेफ्लाइट जैसी घातक बीमारी में 90 फीसदी कमी आयी हैं। जहां पूर्वी उत्तर प्रदेश इंसेफेलाइटिस में 1300 से 1500 के बीच मौतें होती थी, वही अब मात्र 120-130 मृत्यु होती है। अब 5 से 15 जुलाई के दौरान डोर टू डोर सर्वे में जिन लोगों को चिन्हित किया गया है उन सभी का तत्काल सेम्प्लीग करा लिया जाए। हर जिले में हजारों की संख्या में एंटीजन किट दी गई है, उनसे जांच किया जाए। सामुदायिक एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, प्राइवेट अस्पताल आदि स्थलों पर बूथ बनाकर संदिग्ध व्यक्तियों का व्यापक एंटीजन टेस्ट करें।

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