वाराणसी। अगले साल लोकसभी चुनाव होने हैं। संख्या बल के आधार पर प्रदेश में कांग्रेसी विधायक दहाई में भी नहीं हैं। महागठबंधन भी 2-3 सीट से अधिक भाव नहीं दे रहा है। बावजूद इसके पार्टी देश का प्रमुख विपक्षी दल होने के नाते ‘फार्म’ में आ गयी है। इसके चलते उन मुद्दों पर भी विरोध-प्रदर्शन आरम्भ हो जा रहा है जिनकी पूरी तरह से जानकारी तक नहीं। ताजा मामला मैदागिन चौराहे पर लगी पूर्व पीएम स्वर्गीय राजीव गांधी की प्रतिमा का रहा। गुरुवार को यहां का शिलापट हटाये जाने से नाराज कांग्रेस कार्यकतार्ओं ने धरना देना शुरू किया। यहीं नहीं कार्यकतार्ओं ने सोशल मीडिया पर शिलापट हटाये जाने की जानकारी प्रसारित करके सभी को जुटने को कहा। इसकी भनक मिलने पर पुलिस सक्रिय हो गयी। बाद में स्पष्ट हुआ कि शहर के चौराहों के सुन्दरीकरण काम में शिलापट्ट हटा था।

नगर आयुक्त को देनी पड़ी सफाई

मैदागिन पहुंचे कांग्रेसी नेताओं ने धरना देना शुरू कर दिया था। कांग्रेसी कार्यकतार्ओं का कहना था कि पहले शिलापट हटाया गया है और बाद में प्रतिमा ही हटा दी जायेगी। आरोप था कि सत्ता के इशारे पर ऐसा हो रहा है। संख्या भले कम थी लेकिन कांग्रेसी नेताओं के धरने की जानकारी मिलते ही एहतियातन पुलिस-प्रशासन सक्रिय हो गया। एसपी सिटी दिनेश सिंह ने इस संदर्भ में नगर आयुक्त डा. नितिन बंंसल से वार्ता की तो हकीकत सामने आयी। नगर आयुक्त ने बताया है कि सुन्दरीकरण के चलते शिलापट हटाया गया है और जल्द ही नया शिलापट लगा दिया जायेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि नगर निगम की तरफ से तेलियाबाग तिराहे के अंदर डॉ. सम्पूणार्नंद, लहुराबीर चौराहें पर अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद व मैदागिन चौराहे पर स्थित राजीव गांधी की प्रतिमाओं के पुनरुद्धार कार्य प्रस्तावित है। इसका कार्य चल रहा है जो जल्द पूरा हो जायेगा।

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