राममंदिर के मुद्दे पर कांग्रेस ‘कन्फ्यूज’, मंदिर की जगह बने हॉस्पिटल बनाने की उठी मांग

वाराणसी। लोकसभा चुनाव नजदीक आने के साथ ही राममंदिर का मुद्दा गरमाने लगा है। संतों के एक बड़ा धड़ा मंदिर बनाने के लिए सरकार पर दबाव बना रहा है तो दूसरी ओर विरोधी पार्टियां इस मुद्दे को लेकर कंफ्यूज दिख रही हैं। कम से कम कांग्रेस पार्टी की तो यही हालत है। एक ओर कांग्रेस सुप्रीमो राहुल गांधी खुद को जनेऊधारी हिंदू साबित करने के लिए देश के मंदिरों के चक्कर काट रहे हैं तो दूसरी ओर उन्हीं के पार्टी के नेता राममंदिर को लेकर उल्टे-सीधे बयान दे रहे हैं। वाराणसी पहुंची उत्तर प्रदेश महिला कांग्रेस की नव नियुक्त पूर्वी जोन  अध्यक्ष शहला अहरारी ने कहा कि राममंदिर की जगह अस्पताल या यूनिवर्सिटी बना देना चाहिए।

राममंदिर पर बीजेपी कर रही है राजनीति 

शहला अहरारी ने बीजेपी के ऊपर राममंदिर मुद्दे पर सियासत करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि राममंदिर बीजेपी के लिए सिर्फ चुनावी एजेंडा है। बीजेपी हर चुनाव में राममंदिर मुद्दे को भुनाती रही है। बीजेपी पर तंज कसे हुए  उन्होंने कहा कि वे राम मंदिर वो बनने नहीं देंगे उनका मुद्दा ही खत्म हो जायेगा। उन्होंने कहा कि हम तो चाहते है कि राम ममंदिर का मुद्दा ही खत्म हो जाए। मंदिर के स्थान पर कोई यूनिवर्सिटी याकोई अस्पताल बनाया जायेजहाँ हिन्दू-मुस्लिम सभी जा सकेंगे।

माया को महागठबंधन में शामिल करने का दिया न्यौता

मीडिया से बात करते हुए शहला ने महागठबंधन का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि बीजेपी जैसी सांप्रदायिक शक्तियों को सत्ता से दूर रहने के लिए महागठबंधन की जरुरत है। मायावती को हर गिले-शिकवे दूर कर महागठबंधन का हिस्सा बनना चाहिए। उन्होंने कहा कि शिवपाल यादव भी अगर महागठबंधन का हिस्सा बनने तो बेहतर होगा। उन्होंने बताया कि इस बार के चुनाव में 32 प्रतिशत महिलाओं की भागीदारी होगी। 2019 केचुनाव को देखते हुए उन्होंने बनारस में महिला विंग को हर हाल में मजबूत करने की बात कही। पार्टी में महिलाओं से किसी तरह का भेदभाव ना हो सके और उन्हें सम्मान मिले ये हमारी प्राथमिकता है।

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