वाराणसी। कुछ माह पहले कुख्यात अपराधी रईस बनारसी के गैंगवार में मारे जाने पर पुलिस ने राहत की सांस ली थी। वजह, आतंक का पर्याय रईस बनारसी रंगदारी वसूलने से लेकर दूसरी वारदातों को लगातार अंजाम दे रहा था लेकिन खौफ के चलते किसी की रिपोर्ट दर्ज कराने की हिम्मत नहीं होती थी। उसके मारे जाने के बाद से दालमंडी,सराय हड़हा समेत चौक के घनी आबादी वाले इलाकों वर्चस्व की खातिर जंग तेज हो गयी है। इसी का नतीजा दो दिन पहले व्यवसायी शारिक हसन का गोली लगा था। गोली किसी दूसरे को लक्ष्य कर चलायी गयी थी लेकिन चपेट में शारिक आ गये। यह चौंकाने वाला खुलासा 25 हजारा इनामी शेख सलीम फाटक निवासी शाहनवाज उर्फ भंटू के मुठभेड़ में गिरफ्तार होने के बाद हुआ है। क्राइम ब्रांच प्रभारी विक्रम सिंह ने कैंट पुलिस के संग बुधवार की शाम फुलवरिया रेलवे क्रासिंग के समीप मुठभेड़ में भंटू को गिरफ्तार किया है।

संगीन मामलों का आरोपित रहा हा भंटू

पुलिस रिकार्ड में भंटू के खिलाफ विभिन्न थानों में संगीन धाराओं के तहत 7 मुकदमे दर्ज हंै। इनमें रंगदारी, हत्या प्रयास और लूट शामिल है। इससे पहले भंटू गैंगेस्टर में जेल गया है। लक्सा, चौक और चेतगंज में उसकी सक्रियता अधिक रहती थी। रईस के मरने के बाद चल रही वर्चस्व की जंग में भंटू की अमन से ठनी है। कौन लेगा रईस की जगह को लेकर दोनों प्रयास कर रहे हैं। दो दिसंबर की रात भंटू शेख सलीम फाटक क्षेत्र में मौजूद था। इस दौरान अमन जाते दिखा। अमन ने पिस्तौल निकाली लेकिन इससे पहले भंटू फायर कर चुका था। संयोग था कि गोली अमन के बदले शारिक को लगी। एसपी सिटी दिनेश कुमार सिंह ने बताया कि सर्विलांस और मुखबिर की मदद से भंटू के फुलवरिया क्षेत्र में मौजूद होने की सूचना मिली। एसपी क्राइम ज्ञानेन्द्रनाथ प्रसाद और (एएसपी) सीओ कैन्ट डा. अनिल कुमार गिरफ्तार बदमाश से थाने उसके एक फरार साथी के बारे में पूछताछ करने के बाद टीम रवाना किये हंै।

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