‘समाधान’ के लिए तेवर में दिखे कलेक्टर-कप्तान, पुलिस-राजस्व संबंधी शिकायते देख दिया अल्टीमेटम

वाराणसी। शासन ने जनशिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए जो सम्पूर्ण समाधान दिवस की परिकल्पना की थी वह कागजी खानापूर्ति में तब्दील होती जा रही थी। हर माह के दूसरे औ्र चौथे मंगलवार को होने वाले आयोजनों में शिकायतें तो काफी आती थी लेकिन निस्तारण नहीं। नवागत डीएम कौशल राज शर्मा और एसएसपी प्रभाकर चौधरी के तेवर से सदर तहसील मुख्यालय पर संपूर्ण समाधान दिवस पर कुछ दूसरा नजाारा देखने को मिला। डीएम ने राजस्व, विद्युत तथा पुलिस विभाग से संबंधित 36 शिकायतों के लंबित होने की जानकारी पर गहरी नाराजगी व्यक्त की और सभी संबंधित अधिकारियों से स्पष्टीकरण तलब किया। कहा कि शुक्रवार तक सभी शिकायतें प्रत्येक दशा में निस्तारित कर दी जायें। सभी विभागों को स्पष्ट निर्देश दिया कि एक समाधान दिवस पर प्राप्त शिकायतें दूसरे समाधान दिवस तक किसी भी दशा में लम्बित नहीं रहनी चाहिए अन्यथा कार्यवाही की जायेगी। ज्यादातर प्राप्त शिकायतें राजस्व और पुलिस विभाग से संबंधित रहीं।

कब्जे की शिकायतों पर कड़े निर्देश

रिटायर्ड हवलदार रमाशंकर मौर्य द्वारा उनकी चहारदीवारी दबंग भू-माफियाओं द्रारा गिराने पर शिकायत की गई । डीएम ने मंडुआडीह इंसपेक्टर को जांच करने के साथ ही विपक्षी दबंगों ईश्वरदेव पुत्र नन्कू,छोटू, कदीर व अन्य के खिलाफ निरोधात्मक कार्रवाई करने का निर्देश दिया। शशिकांत यादव निवासी कोटवां सरायमोहना सारनाथ ने स्थानीय बीपीएल आयुष्मान लाभार्थियों के चयन सूची में सत्यापन सर्वे के दौरान किये गये घपले की शिकायत। शिकायत की जांच के लिए बीडीओ चिरईगांव व ग्राम सचिव को निर्देश दिया कि सात दिनों के अन्दर सूची उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। एसएसपी ने भी मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि थाना स्तर पर शिकायती प्रार्थना पत्र किसी भी स्तर पर लंबित नहीं रहनी चाहिए। शिकायतें प्राप्त होने के तत्काल बाद तात्कालिक कार्यवाही करते हुए समस्या का समाधान सुनिश्चित किया जाए।

निस्तारण समयबद्धता के साथ गुणवत्ता के साथ

डीएमने मौके पर मौजूद अधिकारियों को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि समस्याओं का निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर समयबद्धता एवं गुणवत्ता के साथ सुनिश्चित किया जाए। समस्याओं के निस्तारण में किसी भी स्तर पर लापरवाही किसी भी दशा में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने विशेष रूप से जोर देते हुए कहा कि शिकायतों के निस्तारण प्रगति की जानकारी भी शिकायतकर्ता से अधिकारी व्यक्तिगत रूप से टेलीफोन आदि से संपर्क कर अवश्य करें। समस्याओं के निस्तारण में खानापूर्ति बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। समाधान दिवस के अवसर पर सदर तहसील मुख्यालय पर 224, राजातालाब पर 112 तथा पिण्डरा पर 101 सहित कुल 437 प्राप्त पत्रों में से मौके पर क्रमश: 38, 17 व 21 कुल 76 प्रार्थना पत्रों का मौके पर निस्तारण किया गया। शेष शिकायती प्रार्थना पत्रों को संबंधित विभागीय अधिकारियों को उपलब्ध कराते हुए एक सप्ताह के अंदर गुणवत्तापूर्ण निस्तारण का निर्देश दिया।

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