चंदौली। प्रदेश की बिहार से लगने वाली सीमा पर स्थित नौबतपुर पिछले चार दिनों से चर्चा में रह रहा है। यहां सड़क किनारे टेंट लगा कर अवैध कागजात बनाने से लेकर ओवरलोड वाहनों को पास कराने वाले सफेदपोशों के गुर्गे उस घड़ी को कोस रहे हैं जब सूबे के कैबिनेट मंत्री सूर्य प्रताप शाही जाम में फंसे थे। प्रकरण को लेकर इंस्पेक्टर सैयदराजा समेत पांच पुलिसकर्मी नप चुके हैं। एचसीपी समेत चार की तो बहाली भी हो गयी लेकिन नवागत प्रभारी एसपी सिंह ने आने के साथ अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिये हैं। यही नहीं डीएम हेमन्त कुमार ने एसपी संतोष कुमार सिंह के सोमवार को व्यापक छापेमारी अभियान चलाया जिसके बाद से हडकंप मची है। खास यह कि अपने गुर्गों के लिए ‘नेताजी’ पैरवी भी नहीं कर पा रहे हैं क्योंकि कैबिनेट मंत्री ने कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिये हैं।

जुर्माने-जब्ती के संग मुकदमों की झड़ी

लंबे समय से किसी न किसी ‘नेताजी’ का खास बन कर फर्जीवाड़े करने वालों का गिरोह यहां पर सक्रिय था। सरकार बदलने के साथ आका दूसरे होते थे लेकिन गोरखधंधे पर असर नहीं होता था। नतीजा, रोजाना कई किलोमीटर लंबा जाम लगता था। आम लोग तो फंसते थे लेकिन कैबिनेट मंत्री की तो ट्रेन छूट गयी जिसके बाद एक्शन का सिलसिला आरम्भ हुआ। थाना प्रभारी के मुताबिक 8 ट्रकों से जुर्माना वसूल किया गया है जबकि 6 के खिलाफ मुकदमा कायम करते हुए जब्त कर दिया गया है। इसके अलावा 10 टैंट में कटिया कनेक्शन मिला जिसका अलग से मुकदमा लिखा गया है।

बार्डर पर सक्रिय हैं कई गिरोह

इसे सरकारी विभागों की उदासीनता माना जाये या सफेदपोशों को मिलने वाला संरक्षण लेकिन नौबतपुर में रोजाना लाखों नहीं बल्कि करोड़ों का ‘खेल’ चलता है। कोई सख्त अधिकारी आता है तो उस पर दबाव या दूसरे तरह से घेराबंदी कर आंख मूंदने के लिए विवश कर दिया जाता है। पिछले दिनों कलेक्टर-कप्तान ने करोड़ों की लाल बालू जब्त कर एक फं्रट पर लगाम कसी तो दूसरे सक्रिय हो गये।

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