वाराणसी। पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र में केन्द्र और प्रदेश की सत्ता में काबिज भाजपा के पांच पार्षदों को धमकाने का मामला सीएम योगी तक पहुंच चुका है। इन पार्षदों को आजमगढ़ जेल में निरुद्ध एजाज अंसारी उर्फ सोनू ने फोन कर रंगदारी के लिए धमकाया था। दरअसल बजरंगी गिरोह से जुुड़े राजेश उर्फ फूटे का शार्गिद कहे जाने वाले एजाज अंसारी ने दुस्साहस की पराकाष्ठा पार करते हुए अपने गुर्गो को भाजपा पार्षदों के पास भेजा और उन्हें मोबाइल पर रंगदारी के लिए धमकियां दी। मामले की मानीटरिंग पीएमओ और पंचम तल से आरम्भ हो चुकी है और पूरे आसार है कि सिर्फ एजाज ही नहीं बल्कि पूरे गिरोह के खिलाफ शिकंजा कसा जायेगा।

‘आका’ से हट कर अपनी छवि बनाने की कोशिश

एजाज का नाम पहली बार कोतवाली क्षेत्र में अगस्त 2013 को शराब कारोबारी रवींद्र सिंह उर्फ लालन सेठ की गोली मार कर हत्या के बाद चर्चा में आया था। पुलिस का दावा था कि राजेश उर्फ फूटे के गिरोह के अन्य सदस्यों में चिक्की पटेल, विनोद सहित अन्य बदमाश इसमें शामिल थे। कहा जाता है कि एजाज एसटीएफ के साथ मुठभेड़ में मारे गए रोहित उर्फ सनी सिंह और उसके गुर्गों के संपर्क में भी रहा। अब बजरंगी के दूसरे गुर्गो की तर्ज पर वह अपना नया गिरोह खड़ा कर रहा है। यही कारण है कि कोई बड़ी वारदात होने पर उसमें अपनी भूमिका दर्शाते हुए भौकाल बनाना चाहता है। पिछले दिनों सपा नेता प्रभु साहनी की हत्या के मामले में उसके बाई रिजवान की संलिप्तता आने के बाद वह इसे कैश करने की फिराक में हैं और पार्षदों को धमकी देने के लिए इसी वारदात का हवाला दिया था।

निशाने पर कई सफेदपोश

मामला तूल पकड़ने के बाद पुलिस और क्राइम ब्रांच ही नहीं बल्कि दूसरी एजेंसियां भी सक्रिय हो गयी है। शहर के साथ पूर्वांचल के दूसरे जनपदों में बजरंगी गिरोह से जुड़े सफेदपोश और ‘मैनेजर’ रडार पर है। मोबाइल नंबरों को खंगाला जा रहा है और उनकी पिछले दिनों की गतिविधियों की पड़ताल हो रही है। जल्ह ही इस मामले में कार्रवाई का सिलसिला आरम्भ होगा और निरोधात्मक कार्रवाई के तहत बजरंगी गिरोह से जुड़े लोगों पर भी शिकंजा कसेगा।

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