वाराणसी। डीरेकाकर्मी और यूनियन के नेता टीके मुकेश की हत्या किसी और ने नहीं बल्कि बाहुबली पूर्व विधायक के लेफ्टीनेंट कहे जाने वाले पंकज सिंह उर्फ डब्लू राय ने की थी। वजह, अपने भाई रवि नारायण सिंह उर्फ बबलू राय को यूनियन के जनरल सेक्रेटी के पद से हटाये जाने को लेकर वह टीके मुकेश से खफा था। दोनों भाइयों की वहां के टेंडर से लेकर दूसरे मामलों में दखल कथ्म होती जा रही थी और सबक सिखाने के लिए हत्या जरूरी हो गयी थी। यह चौंकाने वाला खुला किसी और ने नहीं बल्कि वारदात के वक्त बाइक चला रहे अमित कुमार सिंह उर्फ रिक्कू राय ने क्राइम ब्रांच की गिरफ्त में आने के बाद किया है। रिक्कू को मीडिया के सामने पेश करते हुए एसएसपी आरके भारद्वाज ने बताया कि मूल रूप से लक्खीसराय (बिहार) निवासी यहां पर जलालीपट्टी में रहता है। तलाशी में उसके पास घटना में प्रयुक्त 9 एमएम पिस्टल के संग कारतूस बरामद हुए हैं।

ताना मारने लगे थे डीरेका में लोग

वारदात के बाद बदमाशों की धर-पकड़ का टास्क क्राइम ब्रांच प्रभारी इंस्पेक्टर विक्रम सिंह को सौंपा गया था। उनकी टीम की छापेमारी में गिरफ्तार रिक्कू राय ने पूछताछ के दौरान बताया कि मैं बबलू भईया का दूर का रिश्तेदार हंू। बबलू भईया को यूनियन के जनरल सेक्रेटरी के पद से हटा दिये जाने के बाद से ही हम लोगों को बहुत बेईज्जती महसूस हो रही थी और इस बात को लेकर डीएलडब्लू के लोग भी ताना मारते थे। बबलू भईया इसी बात को लेकर कार्यालय भी बहुत कम जाते थे। डीएलडब्लू में एक नया नेता टीके मुकेश यादव बहुत तेजी से उभर रहा था और बबलू एवं डबलू भईया के कामों में अड़चन पैदा कर रहा था। उसने कई बार बबलू भईया के खिलाफ प्रार्थना पत्र भी दिया था। टीके मुकेश के कारण डीएलडब्लू में बबलू व डबलू भईया का वर्चस्व कम हो रहा था।

पिछले महीने बना थी हत्या की योजना

रिक्कू के मुताबिक पिछले महीने मटरू भईया जो कि डबलू भईया के साढ़ू लगते है बबलू भईया के घर आये थे। यहां मैं, डबलू भईया, बबलू भईया और चन्दन मौजूद थे। वही पर हम लोगों ने योजना बना ली थी कि इस नये नेता को रास्ते से हटाना है। योजना के अनुसार मटरू भईया को बिहार से दो शूटरो का इंतजाम करना था। हम लोग 23 जनवरी को फिर से बबलू भईया के घर पर इकट्ठा हुए थे और मटरू भईया भी दो शूटरों को लेकर आये थे। डबलू भईया किसी से फोन पर टीके मुकेश का लोकेशन ले रहे थे। मै और डबलू भईया एक बाईक पर टीके मुकेश के घर के पास बने पानी के टंकी के पास खडे़ होकर इंतजार करने लगे। योजनानुसार मटरू भईया अपने बाईक पर दो शूटरों को बैठाकर कन्दवा गेट के पास खड़े होकर टीके मुकेश का इंतजार करने लगे। मुकेश अपनी आई-20 कार से कन्दवा गेट की तरफ से अपने घर की तरफ मुड़े थे की डबलू भईया को सूचना मिली। मुझे बाईक चलाने के लिए बोले और खुद पीछे बैठ गये। टीके मुकेश के घर के सामने ही रोककर हम लोगों ने कार के अन्दर ही ताबड़तोड़ गोली मारकर मौत के घाट उतारा जिसके बाद हम सब लोग बिहार चले गये थे। बबलू भईया यहीं रूककर पल-पल की जानकारी देते थे कि क्या हो रहा है। आज कपड़े लेने आये थे कि रास्ते में ही पुलिस द्वारा पकड़ लिये गये।

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