वाराणसी। पब्लिक ट्रांस्पोर्ट सिस्टम की बदहाली के चलते लोग निजा साधनों का इसेतंैल करतो है। कमिश्नर नितिन रमेश गोकर्ण की चली तो जेएनयूआरएम की महानगर में संचालित बसो में बीटीएएस सिस्टम एक माह के अन्दर लग जायेग। मण्डलीय सभागार में बुधवार को वाराणसी सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज की बैठक में कमिश्नर ने कहा कि इससे कन्ट्रोल रूम के माध्यम से ओला टैक्सी की भॉति बसो को ट्रेक किया जा सके। इसके लिये उन्होने मोबाइल एप बनाये जाने का भी निर्देश दिया। जिससे जनसामान्य अपने मोबाइल पर ही एप के माध्यम से अपने यात्रा से संबंधित मार्गो पर संचालित होने वाले सिटी बसों का लोकेशन एवं बस स्टैण्ड व अमूक स्थल पर उसके पहुंचने का समय जान सके। उन्होंने नागरिक सुविधाओं को प्राथमिकता दिये जाने की रोडवेज के प्रबन्ध निदेशक को नसीहत देते हुए कहा इससे जहां नागरिको को सुगम यातायात की सुविधा मिलेगी, वही रोडवेज की आय भी बढ़ेगी।

आय बढ़ाने के लिए सौंपा टास्क

कमिश्नर ने शहर में यातायात को सुगम करने के साथ ही सिटी बसो के माध्यम से नागरिको को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराये जाने हेतु सड़को का सर्वे कर रूट मैप बनाये जाने का निर्देश दिया। उन्होने विशेष रूप से जोर देते हुए कहा कि यदि महानगर बसों का संचालन पैसेजर की मॉग के अनुरूप बेहत्तर तरीके से सुनिश्चित कराया जाय, तो सड़क से वाहनों का दो पहिया वाहनो का लोड घटेगा और यातायात भी सुगम हो जायेगा। उन्होने रोडवेज वर्कशाप में मरम्मत हेतु खड़ी 13 बसों का शीघ्र मरम्मत कराकर उसका संचालन सुनिश्चित कराये जाने का भी निर्देश दिया। हरहुआ के पास महानगर बस के लिये बस अड्डा एवं वर्कशाप बनाये जाने के प्रपोजल पर उन्होने संबंधित भूखण्ड का मूल्याकंन कराये जाने का निर्देश दिया। कमिश्नर ने महानगर बसों के आय वृद्वि पर विशेष जोर देते हुए रोजाना प्रति बस आय 5 हजार निर्धारित की। इस समय प्रति बस औसतन 3 हजार ही मिलते हैं। बैठक में सचिव वीडीए, सीओ ट्रैफिक, क्षेत्रीय प्रबन्धक रोडवेज केकेशर्मा, सहायक प्रबन्धक बालेन्द्र तिवारी के अलावा अन्य लोग मौजूद थे।

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