बड़ी मुश्किल में फंसे संत अविमुक्तेश्वरानंद, साई बाबा की प्रतिमा क्षतिग्रस्त करने का लगा आरोप

वाराणसी। काशी विश्वनाथ मंदिर कॉरीडोर का विरोध कर रहे संत अविमुक्तेश्वारनंद की मुश्किलें बढ़ने लगी हैं। अविमुक्तेश्वरानंद के ऊपर साई बाबा की प्रतिमा क्षतिग्रस्त करने का आरोप लगा है। इस मामले में अविमुक्तेश्वरानंद सहित दो अन्य लोगों के खिलाफ जैतपुरा थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है। बताया जा रहा है कि जैतपुरा थाना क्षेत्र के औसानगंज में स्थित एक मंदिर में स्थापित साई बाबा के मुर्ति की अगुंली असामाजिक तत्वों ने तोड़ दी। हंगामा कर रहे लोगों का आरोप रहा कि सुबह के वक्त स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद कुछ लोगों के साथ मंदिर में दर्शन के लिए आये थे। मंदिर के सीसीटीवी फुटेज में दिख रहा है कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के जाने के बाद तीन लोग दौड़ कर मंदिर से बाहर लगे प्रतिमा को क्षतिग्रस्त कर रहे हैं।

घटना के बाद उग्र हुए लोग

घटना के बाद स्थानीय लोग उग्र हो गए और हंगामा करने लगे। लोगों की शिकायत के बाद जैतपुरा पुलिस ने ज्योतिष द्वारिका पीठ के शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानन्द सरस्वती के शिष्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सहित दो नामजद और  अज्ञात के खिलाफ  147,149,295,295 (क)153 क,505 (2) (3) आईपीसी एवं 7 सीएलए एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया हैं।

अविमुक्तेश्वरानंद ने घटना को बताया निराधार

उधर, स्वामी अविमुक्तेश्वरानन्द ने आरोप को निराधार बताया है। उन्होंने कहा कि काशी खंडोक्त में वर्णित मंदिरों में इस समय मेरा दर्शन पूजन चल रहा हैं आज आठवां दिन हैं। हम मूर्तियों को तोड़ने से बचाने के लिए ही कठिन पदयात्रा कर रहे है। ऐसे में मुर्ति तोड़ने की बात करना निराधार है। काशी के प्राचीन मंदिरों मूर्तियों को बचाने के लिए आन्दोलन चल रहा है। बताया कि इस क्षेत्र में हमने जागेश्वर महादेव सहित प्राचीन मंदिरों में आज दर्शन पूजन किया। चूंकि हम लोग सनातन धर्म के मंदिरों में साईबाबा के मंदिर के स्थापना के विरूद्ध हैं। सनातनी परम्परा के अनुसार इसके लिए हमने सिद्धान्त भी निरूपित किया है। बावजूद हम या हमारेभक्त अनुयायी किसी भी मंदिर में स्थापित मूर्ति को तोड़ने में विश्वास नहीं रखते है।

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