चंद्रशेखर ने उसूलों नहीं किया समझौता, ‘झोपड़ी’ में मनी जंयती जहां लोगों ने किया याद

बलिया। राष्ट्रनायक चंद्रशेखर मैराथन समिति के तत्वावधान में बुधवार को ‘युवा तुर्क’ के रूप में चर्चित पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर जी की 93वीं जयंती मनी। चंद्रशेखर नगर स्थित पूर्व पीएम के आवास ‘झोपड़ी’ पर आयोजित जयंती समारोह में बड़ी संख्या में उनके अनुयायी पहुंचे जिन्होंने अपने प्रिय नेता को श्रद्धासुमन अर्पित किया। वक्ताओं ने उन्हें देश की राजनीति का स्तम्भ बताया। कहा चंद्रशेखर विरले ऐसे नेताओं में शुमार थे, जिन्होंने कभी अपने उसूलों से समझौता नहीं किया। वह किसी परिधि में नहीं बंधे। जिले का जीवन पर्यंत प्रतिनिधित्व करते हुए पूरे राष्ट्र के बारे में सोचते थे। उन्होंने देश और समाज को नई दिशा दी। आज की राजनीति में चंद्रशेखर के आदर्श और भी प्रासंगिक हैं।

सैंड आर्टिस्ट ने रेत पर उकेरी युवा तुर्क की कलाकृति

सैंड आर्टिस्ट खरौनी बांसडीह निवासी रूपेश सिंह ने आयोजित जयंती समारोह में युवा तुर्क चंद्रशेखर की हूबहू कलाकृति रेत पर उकेरी तो लोग अपने नेता को अपलक निहारते रहे। मंगलवार शाम से ही रूपेश अपनी टीम के साथ युवा तुर्क को रेत पर उकेरने में जुटे थे। रूपेश के द्वारा अनोखे में अंदाज में चंद्रशेखर को श्रद्धांजलि दिए जाने की सभी ने प्रसंशा की। रेत से बनी चंद्रशेखर की कलाकृति के साथ सेल्फी लेने की युवाओं में होड़ दिखी। बड़ी संख्या में लोगों ने तस्वीरें खिंचवाई।

चंद्रशेखर कला सम्मान से नवाजे गए कलाकार

राष्ट्रनायक चंद्रशेखर मैराथन समिति ने पूर्व प्रधानमंत्री की 93वीं जयंती पर कलाकरों को सम्मानित भी किया। समिति के तरफ से युवा रंगकर्मी आशीष त्रिवेदी व उनकी टीम को चंद्रशेखर कला सम्मान से सम्मानित किया। जबकि सैंड आर्टिस्ट रूपेश सिंह व लोकगीत गायक शैलेंद्र मिश्रा को भी चंद्रशेखर कला सम्मान दिया गया। समिति के सचिव उपेंद्र सिंह ने कायर्क्रम में आए सभी लोगों के प्रति आभार प्रकट किया।

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