चंदौली: इन पर टिकी है डा. महेन्द्रनाथ पाण्डेय की ‘आस’, समर्थकों को पूरा विश्वास इस दफा विपक्षी नहीं ‘खास’

चंदौली। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डा. महेन्द्रनाथ पाण्डेय दूसरी बार चंंदौली के चुनावी समर में उतरे हैं। वोटिंग से एक सप्ताह पहले एक नाटकीय घटनाक्रम में उन्होंने पूर्व एमएमसी श्याम नारायण उर्फ विनीत सिंह के यहां एक कार्यक्रम में शिरकत कर सभी को चौंका दिया। दरअसल इस संसदीय क्षेत्र के कई विधानसभा क्षेत्रों में विनीत का खासा असर है जिसके चलते यदि उनके समर्थक भाजपा के साथ आते हैं तो राह असान हो जाायेगी। क्षत्रिय समाज की नाराजगी को कम करने में भी विनीत खासे प्रभावी साबित हो सकते हैं। दूसरी तरफ मौर्या-कुशवाहा और राजभर वोट बैंक को अपने पाले में बरकरार रखने के लिए भी उन्होंने पूरा जोर लगा रखा है। सम्भवत: यही कारण था कि प्रचार के अंतिम दिन डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्या और राज्यमंत्री अनिल राजभर हेलीकाप्टर से कई इलाकों में चुनावी सभाओं को संबोधित करते रहे।

सपा को कोर वोटबैंक खुश नहीं

भाजपा के चुनावी रणनीतिकार मानते हैं कि यदि पूर्व सांसद रामकिशुन या विधायक प्रभु नारायण यादव को टिकट मिला होता तो टक्कर कांटे की होती। मूल रूप से गाजीपुर के रहने वाले डा. संजय चौहान का न तो यहां कोई खासा आधार है न ही बिरादरी का वोट बैंक। अंतिम समय दिये टिकट से सपा का कोर वोटबैंक चुनाव को लेकर उत्साहित नहीं है जिसे प्रचार के दौरान देखा भी गया। अलबत्ता जन अधिकार पार्टी के टिकट पर लड़ रही शिवकन्या कुशवाहा को पार्टी गंभीरता से ली है। पूर्व सांसद आनंदरत्न मौर्या भी लंबे समय से सक्रिय नहीं है और उनका कांग्रेस में जाना असरकारक नहीं रहेगा। अलबत्ता राजभर बिरादरी को जिस तरह राज्यमंत्री अनिल ने लामबंद किया उससे भाजपा खेमा प्रफुल्लित है।

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