वाराणसी। एक साल पहले तक सूबे में सपा की सरकार थी तो केन्द्रीय गृह मंत्री को भी पुलिस उतना तबज्जो नहीं देती थी। अब केन्द्र के साथ प्रदेश में भाजपा की सरकार है तो पूरा परिदृश्य बदल चुका है। सम्भवत: यही कारण था कि रविवार को जब प्रदेश के डीजीपी ओपी सिंह जोन की कानून-व्यवस्था की समीक्षा कर रहे थे तो मीरजापुर से एसपी आशीष तिवारी इसमें नहीं थे। दरअसल राजनाथ सिंह के वहां पर कई कार्यक्रम प्रस्तावित थे जिससे डीजीपी की बैठक से अधिक ‘सुपर बॉस’ की खातिर एसपी वहां जमे थे। बहरहाल सास समुद्री देवी (87) की मौत के चलते राजनाथ सिंह ने विंध्यवासिनी के दर्शन समेत किसी कार्यक्रम में हिस्सा नहीं लिया लेकिन इसके बाद वहां से प्रस्थान वाराणसी पुलिस की सांस फुलाने के लिए काफी था। सोमवार की सुबह उनकी रवानगी के बाद पुलिस अपने रीयल बॉस के लिए जुट सकी।

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बेटों ने दी नानी की अर्थी को कंधा

मणिकर्णिका घाट पर सोमवार की भोर में केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह सास समुद्री देवी के अंतिम संस्कार में सम्मिलित हुए। क्रिया-कर्म संस्कार से पहले उन्होंने अपनी सास को श्रद्धांजलि दी। इससे पहले उनके विधायक पुत्र पंकज सिंह और नीरज ने अपनी नानी को सड़क से लेकर घाट तक कंधा दिया। इस दौरान श्रद्धांजलि देने वालों और शोक संवेदना प्रकट करने वालों का तांता लग गया। मुखाग्नि समुद्री देवी के बेटे अशोक सिंह ने दी। परिवारिक सूत्रों की माने तो रविवार की दोपहर सवा 2 बजे मेदिनीनगर बेलवाटिका (बिहार) स्थित आवास पर उन्होंने अंतिम सास ली। गृहमंत्री के साढ़ू व भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री अरुण सिंह के अलावा परिवार के सदस्य और चंद करीबी लोग ही इसमें शामिल रहे। अलबत्ता कैंटूमेंट स्थित होटल में सुबह से हाजिरी लगाने के लिए आसपास के जनपदों के चर्चित चेहरे पहुंच गये थे।

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