वाराणसी। देश के विभिन्न हिस्सों में किसानों का आंदोलन जिस संगठित तरीके थे हो रहा था उससे सरकार चौकन्नी हो गयी थी। सूत्रों के मुताबिक इन आंदोलनों के लिए फंडिंग हो रही थी और विपक्षी दल मुद्दे को हवा दे रहे थे। इसे भांप कर केन्द्र सरकार ने बड़ा दांव चला है। केन्द्र सरकार के निर्णय पर त्वरित प्रतिक्रिया देते हुए प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि केन्द्र की मोदी की और प्रदेश की योगी सरकार किसानों की सुख समृद्धि के लिए कृतसंकल्पित है। आज का फैसला किसानों के हित में क्रान्तिकारी कदम है। सरकार ने संकल्प लिया था कि किसानों की आय दोगुनी करने के लिए हर संभव उपाय किए जाएँगे। इस दिशा में उठाया गया कदम किसानों के विकास का रास्ता खोल देगा। सरकार यहीं नहीं रूकेगी और भी हितकारी कदम उठाए जायेंगे। शाही बुधवार को संगठन की बैठक में भाग लेने आए थे। बातचीत में उन्होंने कहा कि सभी कृषि के उपज का मूल्य 30 फीसदी तक बढ़ा है। धान से लेकर उड़द तक का समर्थन मूल्य बढ़ाने का फैसला किया गया है। उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से प्रधानमंत्री जी को बधाई दी है।

समर्थन मूल्य बढ़ानी की थी प्रमुख मांग

किसान आंदोलन के पीछे कौन था यह भले स्पष्ट नहीं हो पाया लेकिन विपक्षी दल खुल कर इस मुद्दे को तूल दे रहे थे। किसान संगठनों की प्रमुख मांग फसलों का समर्थन मूल्य बढ़ाने की थी जिस पर प्रभावी ढंग से कार्रवाई की गयी। कुछ फसलों का समर्थन मूल्य तो 50 फीसदी से अधिक बढ़ा है लेकिन कुछ का 20 से कम। माना जा रहा है कि अगले साल होने वाले लोकसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए केन्द्र सरकार ने यह बड़ा निर्णय लिया है।

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