‘पाकिस्तानी’ के शरण लेने का हल्लाकर पुलिस को बुलाया, जांच में कुछ और ही सच सामने आया

वाराणसी। कोरोना संक्रमण को लेकर संदिग्धों की सूचना कुछ इस तरह भी आ रही है पुलिस हलकान होकर रह जा रही है। ऐसा ही एक फोन सीओ बड़ागांव के सीयूजी मोबाइल पर भी आया। काल करने वाले का कहना था कि ‘साहब पाकिस्तान से दो संदिग्ध लोग कपसेठी थाना क्षेत्र के बेलवा गांव मे एक सप्ताह से आकर टिके है’। सीओ से सूचना मिलते ही कपसेठी पुलिस दौड पडी। थाना प्रभारी ने तत्काल जांच शुरू कर दी। पता चला कि बेलवां गांव निवासी अली हसन हासमी मुम्बई के बिक्रोली मे रहते है। वह 21मार्च को अपने दो पडोसियों के साथ किछौरा शरीफ जौनपुर दर्शन करने आये थे। इनको 24 मार्च को वापस जाना था किन्तु लॉक डाऊन के कारण सभी लोग वापस गांव आ गये।

पहले भी हो चुकी थी मेडिकल जांच

पूछताछ में स्पष्ट हुआ कि गांव आने के पूर्व इनको बाबतपुर आशा महा विद्यालय मे रखा गया था जहां इनकी मेडिकल जांच के बाद 30 घंटे तक रखा गया। बडागांव थानाध्यक्ष ने जांच के बाद गांव आने दिया। पाक से आने की जानकारी मिलते ही थानाध्यक्ष की टीम अली हसन आजमी को थाने ले आयी और नये सिरे से कागजातों की जांच शुरू की। जांच मे सारे कागजात सही पाये गये। अली हसन हासमी के साथ आने वाले इलियास ताम्बी व अयुब खान की भी जांच हुयी उनका आधार कार्ड समेत अन्य कागजात भी थानाध्यक्ष ने जांच किया। इस बाबत एसओ रमेशकुमार ने बताया कि दोनों मुम्बई के निबासी है। लॉक डाउन के चलते वापस नहीं हो सके है। सूचना पूरी तरह से फर्जी दी गयी थी।

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