खोल कर गठबंधन की ‘गांठ’ पूर्व एमएलसी विनीत सिंह हुए भाजपा के ‘साथ’, चंदौली समेत कई जिलों में कर सकते ‘उलटफेर’

वाराणसी। अंतिम दौर का मतदान होने से पहले भाजपा ने सपा-बसपा गठबंधन को करारा झटका दे दिया है। बसपा के कद्दावर नेता पूर्व एमएलसी श्याम नारायण उर्फ विनीत सिंह के भारतीय जनता पार्टी में औपचारिक रूप से शामिल होने की घोषणा भले नहीं हुई लेकिन मंगलवार की शाम प्रदेश अध्यक्ष डा. महेन्द्रनाथ पाण्डेय,विधायक सुशील सिंह समेत तमाम दिग्गज उनके गोला स्थित आवास पर पहुंचे। वहां हजारों की संख्या में विनीत के समर्थक पहले से मौजूद थे। विनीत का असर सिर्फ चंदौली तक सीमित नहीं है बल्कि पूर्वांचल की जिन सीटों पर चुनाव शेष है वहां तक है। माना जा रहा है कि इसी के चलते पार्टी ने उन्हें अंतिम समय अपने साथ जोड़ा है जिससे कई जिलों में ‘उलटफेर’ किया जा सके।

लंबे समय से धुर विरोधी दिखे मंच पर साथ-साथ

गोला गांव स्थित पूर्व एमएलसी विनीत सिंह के आवास पर मंगलवार को समर्थन सभा का आयोजन किया गया था। सभा में हजारों की संख्या में समर्थक पहले से जुटे थे। सैयदराजा के विधायक सुशील सिंह चंदौली के प्रत्यशी डा. महेंद्रनाथ पाण्डेय अपने समर्थकों के साथ पहुंचे तो यह किसी आश्चर्य से कम नहीं था। दरअसल विछले विधानसभा चुनाव में विनीत सिंह ने सुशील को करारी टक्कर दी थी। विधायक सुशील सिंह ने स्वीकार किया कि प्रदेश अध्यक्ष ने हम दोनों भाइयों को मिलाया है जिससे मैं इनका आभारी हूं। पीएम मोदी की उपलब्धियों को गिनाते हुए महेंद्र पांडेय को जिताने की अपील की। दूसरी तरफ विनीत सिंह ने बीजेपी प्रत्याशी को अपना समर्थन देने की बात करते हुए कहा कि मैं फायदा-नुकसान के लिए नहीं शामिल हुआ हूं। बस यह सीट मोदी जी के झोली में जाय इसीलिए शामिल हुए हम दोनों भाई इकठ्ठा हो गए हैं। अब यहां से गठबंधन का पता भी नहीं चलेगा।

पत्नी हैं मीरजापुर से जिला पंचायत अध्यक्ष

गौरतलब है कि विनीत सिंह इससे पहले सोनभद्र-मीरजापुर एमएलसी रह चुके है। इससे पहले वह वाराणसी के जिला कोआपरेटिव बैंक के चेयरमैन थे। सैयदराजा विधान सभा से चुनाव में उन्हें बसपा प्रत्याशी के रूप में मंडल मे सर्वाधिक मत मिले थे। यही नहीं उनकी पत्नी प्रमिला सिंह दूसरी बार जिला पंचायत मीरजापुर की अध्यक्ष चुनी गयी हैं। गाजीपुर,बलिया से लेकर मऊ तक उनके सैकड़ों समर्थक हैं।

Related posts