बदमाशों की गोली से घायल व्यापारी की इलाज के दौरान मौत, आक्रोशित ग्रामीणों ने सड़क जाम कर रखी यह मांग

मऊ। कानून-व्यवस्था की दुहाई देकर सूबे की सत्ता पर काबिज हुई भाजपा भले ही आंकड़ों का हवाला देते हुए इसमें सुधार के दावे करे लेकिन जिले में कोई दिन ऐसा नहीं बीतता जब संगीन वारदात न हो। सवालों के दायरे में आने वाले खुलासे हो जा रहे हैं लेकिन जमीनी हकीकत इतर है। चिरैयाकोट कस्बे में बदमाशों ने शनिवार की दोपहर में गोली मार को दो लोगों को गंभीर रुप से घायल कर दिया था। इसमें घायल विनोद गुप्ता की रविवार की सुबह इलाज के दौरान मौत हो गयी है। ग्रामीणों ने इसकी जानकारी मिलने के बाद सड़क जाम कर पुलिस-प्रशासन के खिलाफ जबरदस्त प्रदर्शन किया। किसी तरह एसडीएम ने आश्वासन देकर जाम खत्म कराया।

नहीं मिल सका कोई सुराग

मूल रूप से पलिया गांव (रानीपुर) निवासी विनोद गुप्ता अपने गांव के अजय कुमार सिंह के चिरैयाकोट बाजार में स्थित एमआरएफ टायर के शोरुम गये थे। इसी समय बाइक पर सवार आये बदमाशों ने दोनों लोगों को लक्ष्य कर गोलियां बरसानी शुरू कर दी। गोली लगने से जख्मी दोनों लोगों को गंभीर हाल में आजमगढ के एक अस्पताल में भर्ती कराया जहां विनोद गुप्ता की इलाज के दौरान रविवार सुबह मौत हो गयी। दुस्साहसिक वारदात का एक पहलू यह भी रहा कि पुलिस 24 घंटे बीतने पर भी कोई सुराग नहीं ढूंढ सकी है।

इन चार सूत्री मांग को लेकर घमासान

विनोद गुप्ता के मौत की सूचना जैसे ही ग्रामिणों को मिली तो आक्रोशित होकर परिजनों संग पलिया बाजार में चक्काजाम कर दिये। इसके साथ ही चार सूत्रीय मांग को पूरा करने की मांग रखी। ग्रामीणों ने मृतक के परिजनों को 25 लाख का मुआवजा, मृतक की पत्नी को सरकारी नौंकरी, सुरक्षा की नजर से शस्त्र लाइसेंस और बदमाशों की 24 घंटे के अंदर गिरफ्तारी की डिमांड रखी। जाम की सूचना प्राप्त होते ही थाने की पुलिस बल के साथ मुहम्मदाबाद गोहना के एसडीएम निरंकार सिहं मौके पर पहुचे और ग्रामीणों को समझा बुझा कर जाम समाप्त कराया। एसडीएम ने आश्वासन दिया की उनकी सभी जायज मांगों को पूरा किया जायेगा। जिसके बाद जाम समाप्त हुआ।

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