वाराणसी। प्रदेश की सत्ता से बहुजन समाज पार्टी को बेदखल हुआ छह साल बीत चुके हैं। लोकसभा चुनाव की तर्ज पर विधानसभा मे ंभी करारी मात मिली थी। बावजूद इसके आला नेताओं के बर्ताव में कोई फर्क नहीं दिख रहा है। इसका नमूना रविवार को अशोक नगर कालोनी (सारनाथ) स्थित बहुजन समाज पार्टी के कार्यालय में देखने को मिला। यहां बैठक से पहले जमकर मारपीट व गाली गलौज होने लगी। बताया जाता है कि दो गुटों के बीच जमकर कुर्सियां चली जिसमें एक आला नेता समेत कइयों को खासी चोटें आयी। इतने पर ही मामला नहीं थमा बल्कि बाहर पथराव भी हुआ। सूचना मिलने पर फैंटम दस्ता पहुंचा तो हंगामा करने वाला गुट जा चुका था। दूसरा खेमा मामले को दबाने में जुटा था। इस बाबत एसओ सारनाथ से पूछा गया तो उनका कहना था कि प्रकरण जानकारी में नहीं है जबकि पुरानापुल चौकी प्रभारी ‘मामूली कहासुनी’ बता रहे थे।

बाहरी को जिलाध्यक्ष बनाने पर बवाल

पार्टी सूत्रों के मुताबिक लगभग एक सप्ताह पूर्व बसपा के प्रभारी रामकुमार कुरील ने जिलाध्यक्ष को दीपचन्द चौधरी के स्थान पर लक्ष्मण राम को कमान सौंप दी। आरोप है कि लक्षमण दूसरे जिले के हैं और डील के बाद ऐसा हुआ था। बसपा कार्यालय में रविवार को होने वाली मीटिंग के दौरान पूर्व जिलाध्यक्ष दीपचन्द चौधरी के लोग गोलबन्द होकर बसपा कार्यालय पंहुचे और मीटिंग शुरू होने के पूर्व ही बसपा प्रभारी रामकुमार कुरील पर थप्पड़ चला दिया? जिससे उत्तेजित बसपा समर्थको के दोनों गुटों में जमकर मारपीट होने के साथ ही एक दूसरे पर कुर्सियां फेंकी गईं। निशाना कुरील पर था लेकिन कुर्सी एक पूर्व विधायक को लगी जिससे सिर में खासी चोट आयी। पूर्व अध्यक्ष दीपचन्द चौधरी के लोगों ने कार्यालय से बाहर निकलकर पथराव भी किया। पथराव की घटना से कालोनी के लोगों में दहशत व्याप्त हो गया। इसी दौरान किसी ने 100 नम्बर पर पुलिस को सूचना दे दी। सूचना पर फैंटम दस्ता मौके पर पंहुचा लेकिन आपसी मामला बताते हुए लौटा दिया गया। इस बाबत पार्टी नेता कुरेदने पर भी कुछ बोलने को राजी नहीं है। अलबत्ता मारपीट का वीडियो देखने के बाद दूसरे खेमे को दोषी बता रहे हैं।

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