वाराणसी। बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी और एमएलसी बृजेश सिंह के बीच दशकों से अदावत चल रही है। इसे लेकर कई बार खूनी भिडंत भी हो चुकी है। एक-दूसरे के खिलाफ मुकदमे भी चल रहे हैं। लंबे समय से इसे लेकर पूर्वांचल में चर्चा होती रही लेकिन शिवपुर निवासी राकेश न्यायिक ने इसे ‘दिखावा’ बताते हुए सनसनीखेज आरोप लगाये हैं। न्यायिक की माने तो दोनों के बीच पूर्व मंत्री रघुराज प्रताप सिंह ‘राजा भैया’ ने सुलह करा दी है। पिछले दिनों इसे लेकर न्यायिक ने शिवपुर थाने में दाउद इब्राहिम, मुख्तार अंसारी, बृजेश सिंह और राजा भैया के खिलाफ तहरीर भी दी थी। इस पर कार्रवाई न होते देख कोर्ट का सहारा लिया और नये साल के पहले दिन सोमवार को अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (षष्ठम) की अदालत में सीआरपीसी की धारा 156 (3) के तहत प्रार्थनापत्र देकर कार्रवाई की मांग की है। मामले की गंभीरता को देखते हुए कोर्ट ने शिवपुर पुलिस से आख्या मांगी हैं। मामले की अगली सुनवाई के लिए 9 जनवरी की तिथि नियत की गयी है।

एक-दूसरे खिलाफ चल रहे मामले में कर रहे ‘मदद’

कोर्ट ने दिये गये प्रार्थनापत्र में आरोप लगाया गया है कि मऊ के बहुचर्चित ठेकेदार मन्ना सिंह हत्याकांड में बृजेश ने दबाव डाल कर मुख्तार को दोषमुक्त कराया। उधर मुख्तार भी उसरी चट्टी और कुंडेसर हत्याकांड में बृजेश को बरी कराने के लिए प्रयासरत हैं। यही नहीं मुख्तार ने सपा के शासनकाल में कुंडा के सीओ जियाउल हक की हत्या के मामले में राजा भैया की मदद की थी जिसके बाद उन्होंने दोनों बाहुबलियों के बीच सुलह करायी। प्रार्थनापत्र में भाजपा विधायक कृष्णानंद राय समेत सात लोगों की हत्या के मामले में अधिकांश गवाहों के विरत या पक्षद्रोही होने का वास्ता देते हुए इसमें भी दोनों की बीच संलिप्तता के आरोप लगाये गये हैं।

कोर्ट से लगायी कार्रवाई की गुहार

परिवादी का कहना है कि उसने शिवपुर थाने में 29 दिसंबर को प्रार्थनापत्र दिया और अगले दिन एसएसपी वाराणसी को रजिस्टर्ड डाक से भेज कर कार्रवाई का अनुरोध किया लेकिन कोई मुकदमा नहीं दर्ज किया गया। मामला गंभीर और संज्ञेय प्रकृति का होने के नाते कोर्ट से अनुरोध किया कि इसकी विवेचना की जानी न्यायसंगत है। प्रार्थनापत्र के संग शपथपत्र भी दिया गया है।

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