वाराणसी। डीएम योगेश्वर राम मिश्र ने पीडब्ल्यूडी प्रान्तीय खण्ड में अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी करने के लिये रिश्वत की मांग किये जाने किये जाने तथा रिश्वत न मिलने पर प्रकरण को लम्बित रखे जाने की शिकायत को गम्भीरता से लिया है। उन्होने अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग प्रान्तीय खण्ड को पहली अप्रैल 2017 से अब तक अनापत्ति प्रमाण-पत्र हेतु प्राप्त आवेदन पत्रों का मूल रजिस्टर, उक्त अवधि से अब तक प्राप्त अनापत्ति प्रमाण पत्र हेतु कार्यालय द्वारा लगायी गयी आपत्तियों का विवरण, उक्तावधि से अब तक जारी अनापत्ति प्रमाण पत्र का विवरण, उक्तावधि से अब तक लम्बित अनापत्ति प्रमाण पत्र का विवरण तथा उक्तावधि से अब तक जारी अनापत्ति प्रमाण पत्र, किस दिनांक को जारी हुआ और संबंधित को कब दिया गया से संबंधित विवरण सहित पटल लिपिक के साथ शुक्रवार 1 जून को कलेक्ट्रेट स्थित अपने कार्यालय कक्ष में तलब किया है।

डीएम के फोन पर भी रोकी थी एनओसी

गौरतलब है कि अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी करने के संबंध में जिलाधिकारी द्वारा स्वयं एक प्रकरण में व्यक्तिगत रूप से फोन पर अवगत कराये जाने के बावजूद भी लोक निर्माण विभाग प्रान्तीय खण्ड द्वारा कोई कार्यवाही अब तक नही किया गया। उक्त प्रकरण की जांच स्वयं जिलाधिकारी द्वारा किया जायेगा। डीएम के सख्त तेवर देख कर विभाग में खलबली मची है। सभी अपनी तरफ से बचाव करने में जुटे हैं।

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