आजमगढ़। सिकंदरपुर गांव (जीयनपुर) के एक हाते में बोर्ड स्कूल का लगा था लेकिन कोई पढ़ने-पढ़ाने की खातिर नहीं आता था। अलबत्ता अंधेरा होने के साथ वाहनों के साथ संदिग्ध लोगों की आवाजाही शुरू हो जाती थी। लंबे समय से चल रहे इस खेल की शिकायत आला अधिकारियों से की गयी तो छापेमारी के आदेश दिये गये। खुद डीएम-एसपी मौके पर पहुंचे तो अवैध शराब कारोबार का खेल देख कर हैरत में रह गये। छापेमारी के दौरान भारी मात्रा में शराब नहीं बल्कि इसे तैयार करने वाली मशीनें भी बरामद हुई हैं। कारोबार में लिप्त लोग दो लोगों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया जबकि अन्य मौके से फरार हो गए।

कई जिलों को की जाती थी सप्लाई

पुलिस अधीक्षक अजय कुमार साहनी ने बताया कि इन लोगों द्वारा यहां से शराब तैयार करके आजमगढ़ के अलावा मऊ बलिया और आसपास के जिलों में शराब की दुकानों पर नकली शराब बेची जाती थी पुलिस के हिसाब से बरामद शराब की कीमत दो करोड़ से ज्यादा रुपए की है। इसके अलावा हजारों की संख्या में खाली बोतलें, रैपर से लेकर होलोग्राम तक मिले हैं।

पुलिस और आबकारी की संलिप्तता जांच की जद में

डीएम चंद्र भूषण सिंह ने बताया कि पूरे मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है और घटना क्रम में आबकारी विभाग के संलिप्तता की जांच की जाएगी। जिस तरह पिछले महीनों में अवैध शराब के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा था उसके बाद भी इतनी भारी मात्रा में शराब का बरामद होना काफी आश्चर्य की बात है और जो भी इसमें दोषी पाए जाएंगे उनके खिलाफ कड़ी कार्यवाही की जाएगी।

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