वाराणसी। क्राइम ब्रांच और कैंट पुलिस ने मंगलवार की अल सुबह मुठभेड़ के दौरान 15 हजारा इनामी सादिक और जावेद खां को प्रतिबंधित 9 एमएम की पिस्टस और और तमंचे के साथ गिरफ्तार कर लिया। कड़ाई से पूछताछ में दोनों ने चौंकाने वाले खुलासे किये हैं। एसएसपी आरके भारद्वाज और एसपी सिटी दिनेश सिंह ने गिरफ्तार आरोपितों को मीडिया के सामने पेश करते हुए उनका कबूलनामा बताया। दोनों ही नहीं बल्कि गिरोह के दूसरे सदस्य खुद को अधिवक्ता बताने वाले अभिषेक सिंह उर्फ प्रिंस के लिए काम करते हैं। हमारे गैंग का लीडर चर्चित अधिवक्ता अभिषेक सिंह उर्फ प्रिंस है। किसी बड़ी वारदात से कुछ दिन पहले काली कोर्ट पहन कर दो-चार दिन पुलिस पर दबाव बनाने के लिए कचहरी में घूमता है ताकि पुलिस को इसके काले धंधे के बारे में शक न हो। ‘राय साहब’ के सम्पर्कों का नतीजा था कि हम दोनो लोग पैसा देकर बिहार के मुंगेर से असलहा मंगाकर बनारस तथा उसके आस पास के जिलों में बेचते है थे और पुलिस बाहर रखवाली करती थी।

कई चर्चित वारदात में संलिप्तता कबूली

पूछताछ के क्रम में अभियुक्तगण द्वारा बताया गया कि साहब हम लोग बिहार से अवैध शस्त्र मंगाकर बेचने का धंधा करते है और हम लोग प्रिंस के साथ मिलकर भाड़े पर हत्या भी करते है। हम लोग 2012 में पक्की बाजार के इस्लाम की हत्या कर बोटी-बोटी काटकर अलीनगर (चंदौली) में फेंक आये थे। यही नहीं साहब 2014 में हम लोग रामनगर में छात्रनेता विवेक सिंह को भी गोली मारे थे जिसमें वह बच गया था। हम दोनो लोग पैसा देकर मुंगेर (बिहार) से असलहा मंगाकर बनारस तथा उसके आसपास के जिलों में बेचते है और जो फायदा होता है उसमें हम सभी लोग आपस में बांट लेते है। मुंगेर के रंजेश व चंदन यादव से 13 हजार रुपए में खरीद कर यहां 25 से 30 हजार रुपए में बेचते है। यह काम हम लोग काफी दिनों से कर रहे है। पिछले साल अभिषेक सिंह उर्फ प्रिंस के घर जो पिंकू अंसारी की हत्या हुई थी उसमें हम लोग अपने साथियों के साथ शामिल थे। पिंकू अन्सारी की हत्या बिहार से असलहा लाकर बेचने व पैसे के लेनदेन को लेकर हुए विवाद में हुई थी।

इस बार भी भागने में सफल रहा प्रिंस

गिरफ्तार बदमाशों ने कबूल किया कि हमलोग किसी व्यक्ति की हत्या करने के फिराक में पाण्डेयपुर ओरवब्रिज पहड़िया रोड के तरफ कालीमाता मंदिर के पास मौजूद थे। मुठभेड़ में हम तो पकड़ लिये गये और मेरे दो साथी अभिषेक सिंह प्रिंस व इमरान भागने में सफल रहे। इससे पहले भी बस ड्राइवर की हत्या के लिए जुटे थे कि आप लोगोें ने दो साथियों को पकड़ लिया था। उस बार भी प्रिंस भागने में सफल रहा था। गिरफ्तारी वाली टीम में कैंट इंस्पेक्टर राजीव रंजन उपाध्याय, क्राइम ब्रांच प्रभारी इंस्पेक्टर विक्रम सिंह, एसआई राकेश सिंह,एसआई शशिकांत,सुमंत सिंह,पुनदेव सिंह, रामभवन, सुरेंद्र मौर्य,कुलदीप सिंह,चंद्रसेन सिंह, विवेकमणि त्रिपाठी, सुनील राय आदि शामिल थे।

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