चन्दौली। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डा. महेन्द्रनाथ पाण्डेय के संसदीय क्षेत्र और केन्द्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह के गृह जनपद में पार्टी की साख दांव पर लग गयी है। नगर पंचायत के चेयरमैन पद के लिए टिकट ना मिलने से नाराज लबे समय तक पार्टी का झंडा उटाने वाले बागी हो गये हैं। दावेदारों में शामिल जैनेन्द्र कुमार और रामाशीष निर्दलीय उम्मीदवार के रुप में पर्चा भरने की तैयारी कर रहे हैं। उनका साफ आरोप है कि भाजपा की स्थानीय विधायक के दबाव व पैरवी पर बाहरी रविन्द्र गौड़ ‘विधायक’ को टिकट दिया गया है। टिकट वितरण में कई पुराने कार्यकतार्ओं को दरकिनार किया गया है नेताओं के करीबियों को तवज्जो दी गयी है। बहरहाल भाजपा जिलाध्यक्ष सर्वेश कुशवाहा व मुगलसराय की विधायक साधना सिंह इस मुद्दे को लेकर सफाई दे रहे हैं। उनका दावा है कि किसी की पैरवी नहीं की गई है। सारे दावेदारों की सूची आलाकमान के पास जाती है। पार्टी के शीर्ष नेताओं ने जिसे उचित समझता है उसे टिकट देता है। उनका प्रत्याशी कमल का फूल है, जिसे टिकट मिलेगा उसे जिताया जाएगा।

निर्दल लड़ेंगे जैनेन्द्र व रामाशीष
टिकट के दावेदार रहे जैनेन्द्र कुमार ने कहा कि मैंने 30 साल से भाजपा की सेवा की है जिसके लिए कभी कुछ अपेक्षा नहीं की। सीट अनुसूचित के लिए आरक्षित हुई तो जिलाध्यक्ष समेत पार्टी के कई नेता मुझसे तैयारी करने को कहते रहे है और पैसे का इंतजाम रखने को बोलते रहे। अब जब सुरक्षित सीट पर टिकट देने की बारी आई है तो जिलाध्यक्ष व विधायक साधना सिंह ने बाहरी को टिकट दिला दिया है, जिसका पार्टी से कोई लेना देना नहीं है। मैं खुद चुनाव में आ रहा हूं और अपनी तैयारी को आगे बढ़ा रहा हूं। कुछ ऐसा ही दर्द भाजपा के टिकट न मिलने से नाराज रामाशीष ने बयां किया। उनका कहना है कि मैं आजीवन भाजपा कार्यकर्ता और पार्टी ने ऐसे को टिकट दिया जो दूसरे दलों में चक्कर लगाता रहा है। सपा से मनोनीत पार्षद की निष्ठा का अंदाजा खुद लगाया जा सकता है। वह निर्दलीय मैदान में उतरेंगे और चंदौली की जनता तय करेगी कि किसे चुनना है।

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