वाराणसी। सम्पर्क फार समर्थन के बहाने भाजपा ने सपा के उस कोर वोट बैंक पर नजर रखी है जिसका एहसास होने पर सुप्रीमो मुलायम सिंह से लेकर अखिलेश के भी होश उड़ गये हैं। डैमैज कंट्रोल का कोई रास्ता हाल -फिलहाल नही सूझ रहा है लेकिन माना जा रहा है कि एक महीने के भीतर अखिलेश यादव काशी ही नहीं आयेंगे बल्कि मठ से लेकर मठाधीश के चौखट पर मत्था टेकते दिखेंगे। चर्चाओं के मुताबिक भाजपा का तीर निशाने पर लगा है और ओबीसी में अहम हिस्सा ‘वाई’ में बंटवारा करने के लिए भाजपा ने दुखती नस दबा दी है।

गडवा घाट अहम स्थान, अखिलेश ने नहीं दिया ध्यान

माना जाता है कि गडवा घाट आश्रम यादवों की ऐसी पीठ है जहां से लाखों लोग जुड़े हैं। मुलायम सिंह खुद यहां का विशेष ध्यान रखते थे और शिवपाल यादव भी मत्था टेक चुके हैं। अलबत्ता अखिलेश यादव ने यहां से जाने किन कारणों से मुंह मोडे रखा। अब सीधे मुख्यमंत्री गडवा घाट आश्रम में गायों को चारा खिलाने के बहाने पहुंच गये और प्रमुख लोगों से सम्पर्क फार समर्थन के तहत मुलाकात की तो सपा के थिंक टंैक के होश फाख्ता हो गये। दरअसल इससे पहले केन्द्रीय मंत्री पूर्व थल सेनाध्यक्ष जनरल वीके सिंह विख्यात बिरहा गायक हीरालाल यादव के मिलने उनके घर जा चुके हैं। हीरा का नाम अब भी पूर्वांचल में ‘हनी सिंह’ से अधिक बिकाऊ है।

डैमेज कंट्रोल के लिए गुरु पूर्णिमा का इंतजार!

सूत्रों की माने तो भाजपा की तीर निशाने पर लगते देख सपा के रणनीतिकारों के होश उजड गये हैं। लोकसभा चुनाव में ओएक साल से कम का समय बचा है और मठ के साथ मठाधीश को साधने का एक ही मौका बच रहा है गुरु पूर्णिमा। इस साल गुरू पूर्णिमा पर सपा के मौजूदा सुप्रीमो अखिलेश यादव या दूसरा करीबी काशी की गलियों का चक्कर काटते दिखे तो आश्चर्य नहीं होना चाहिये। डैमैज कंट्रोल के लिए मिल रहे अंतिम अवसर के इस्तेमाल की सलाह दी जा चुकी है।

admin

No Comments

Leave a Comment