चंदौली। नौगढ़ ब्लाक प्रमुख जवाहिर सिंह खरवार के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव आने के साथ उनकी कुर्सी बचाने को भाजपा सांसद भाई छोटेलाल खरवार सक्रिय हो गये थे। इसके लिए मुकदमा दर्ज कराने से लेकर दूसरे दांव इस्तेमाल किये गये लेकिन उसका उल्टा असर हुआ। गुरुवार को स्थानीय नौगढ़ ब्लाक सभागार में आयोजित बैठक व मतदान के समय बाजी पलटते देख सांसद ‘दबंगई’ पर उतारू हो गये। कड़ी सुरक्षा के बीच पीठासीन अधिकारी रामसजीवन मौर्य की मौजूदगी में 16 सितम्बर को डीएम के यहां परेड में शामिल सभी 27 क्षेत्र पंचायत सदस्यों ने भाग लिया। इन्हें रोकने के लिए हाथापायी तक हुई लेकिन बागी सदस्यों ने एक न सुनी। दूसरी तरफ ब्लाक प्रमुख सहित 13 सदस्यों ने मतदान व बैठक में भाग नहीं लिया। बाजी हाथ से निकलती देख सांसद समर्थकों के संग धरने पर बैठ गये। डैमेज कंट्रोल के तहत डीएम हेमंत कुमार ने सीओ का कार्यक्षेत्र बदलने तथा बबुरी थाना प्रभारी अवधेश कुमार सिंह व नौगढ़ प्रभारी किशोर कुमार चौबे को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने की घोषणा की।
चप्पे-चप्पे पर फोर्स, फिर भी पिस्टल सटा कर धमकाने का आरोप
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुख्ता सुरक्षा के इंतजाम किये गये थे। पुलिस-पीएसी ही नहीं बल्कि सीआरपीएफ तक लगायी गयी थाी। आधा दर्जन स्थानों पर चेकिंग के इंतजाम किये गये थे। बावजूद इसके सांसद ने पिस्टल सटाने व अपहरण के मामले में वांछित आरोपी की गिरफ्तारी न किए जाने का आरोप लगाया। पुलिस की ‘रवैये’ से क्षुब्ध भाजपाई सांसद के नेतृत्व मे विधायक ओबरा संजय गोण्ड विधायक दुद्धी हरेराम चेरो के साथ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के सामने धरने पर बैठ गए। फर्जी आरोपों से विरोधी भी भड़क गये और दोनों पक्षों में तीखी झड़प भी हुयी लेकिन सुरक्षाकर्मियों जवानों ने उन्हें खदेड़ कर मामला शांत कराया।
सांसद के आरोपों पर जांच के लिए बनी कमेटी
लगभग 4 घंटे तक चले धरना-प्रदर्शन के बाद डीएम हेमंत कुमार व एसपी संतोष कुमार सिंह ने मौके पर पहुंच कर मामले की पूरी जानकारी हासिल कर धरनारत लोगों को समझाया। पुलिस के खिलाफ कार्रवाई ही नहीं बल्कि आरोपों की जांच के लिए डीएम ने एडीएम न्यायिक व सीडीओ की दो सदस्यीय टीम बनाकर शाम तक जांच रिपोर्ट देने को भी कहा है। इसके अलावा एएसपी वीरेंद्र कुमार पर भी आरोप था कि इनकी भी संलिप्तता रही है जिनके विरुद्ध भी जांच कर रिपोर्ट शासन को भेजने को कहा गया है।
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष की प्रतिष्ठा दांव पर, फोन से लेते रहे जानकारी
अविश्वास प्रस्ताव लाने वाली पूर्व प्रमुख नीतू सिंह के पति सुजीत सिंह सुड्डू ने पहले ही स्पष्ट कर दिया थ ाकि उनकी लड़ाई भाजपा से नहीं बल्कि ब्लाक प्रमुख की कार्यप्रणाली से हैं। बावजूद इसके प्रदेश भाजपा अध्यक्ष महेंद्र नाथ पाण्डेय अपने जनपद का मामला होने के नाते पल-पल की जानकारी लेते रहे। पुलिस-प्रशासन भी सीएम कार्यालय को घटनाक्रम से अवगत कराता रहा। सांसद का दावा है कि सीएम ने मोबाइल पर जानकारी ली और कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के विरूद्ध कार्यवाही की जायेगी।

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