भदोही। लोकसभा चुनाव में एक साल का समय भी शेष नहीं बचा है लेकिन भाजपा में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। कुछ दिनों पहले सीएम के कार्यक्रम से पहले सांसद विरेन्द्र मस्त द्वारा एक चर्चित नेता की पिटाई का मामला थमा नहीं था कि औराई विधायक व पूर्व मंत्री दीनानाथ भाष्कर ने अपनी ही सरकार के अधकारियों पर गंभीर आरोप मढ़ दिये। विधायक की माने तो भदोही, ज्ञानपुर औराई सहित तीनों तहसीलों में तैनात उप जिलाधिकारियों के स्थानान्तरण होने के बाद भी पैसा लेकर निर्णय ले रहे हैं। उनका दावा है कि जनता से ऐसी सूचना मिल रही है कि जिले के तीनों तहसीलों पर तैनात उप जिलाधिकारी स्थानान्तरण होने के बावजूद भी सुविधा शुल्क लेकर फैसला सूनाने आदि जैसा कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कि यह एक गंभीर मामला है जिसे हल्के मे नहीं लिया जायेगा। जिस अधिकारी का स्थानान्तरण हो जाता है, वह उसी दिन से कोई भी कार्य तत्कालीन तैनाती स्थल पर नहीं कर सकता, लेकिन यहां पर स्थानान्तरित हुए तीनों तहसीलों के उप जिलाधिकारी सुविधा शुल्क लेकर फाइलों का निपटारा कर रहे हैं।

ऊवभागीय जांच की दी चेतावनी

विधायक ने कहा कि इस प्रकरण को शासन के संज्ञान में लाने के साथ तबादले के बाद किये गये निर्णय और फाइलों के निस्तारण की विभागीय जांच कराई जायेगी और उसमें कार्रवाई भी हर हाल मे होगी। कहा कि तहसील स्तर पर 32/38 धारा 80 खतौनी में नाम संसोधन, भू-खंडों को आबादी दर्ज करने, कोटे की दुकानों से जुडे़ आदि लंबित मुकदमों के सर्वाधिक मामले है। उन सभी में हेराफेरी की शिकायत संज्ञान मे आई है। शासन की मंशा के विपरीत काम करने वाले लोग अपने इस तरह के कृत्य से शासन की छवि के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं जिसे किसी भी दशा में बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। प्रकरण की हर हाल में जांच होना तय है। सरकार जनता की समस्याआें के समाधान के लिए संकल्पि है जिसमें कोई भी लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेगी। कहा कि हेराफेरी कर धन उगाही करने वाले अधिकारियों की कार्य प्रवृत्ति सरकार किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगी। अधिकारियो को शासन के मंशा के अनुरूप हर हाल में काम करना होगा। जो इसके विपरीत होंगे वह कार्रवाई के लिए भी तैयार रहें।

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