गठबंधन के प्रत्याशी को लेकर नहीं थमा ‘घमासान’, माहौल अनकूल देख भाजपा मान रही सीट आसान

चंदौली। सपा-बसपा गठबंधनने लंबे समय मंथन के बाद जो प्रत्याशी मैदान में उतारा है उसे स्थानीय स्तर पर कार्यकर्ता स्वीकार ही नहीं कर पा रहे हैं। प्रत्याशी के रूप में संजय चौहान का नाम आने के बाद शुरू हुआ घमासान दूसरे दिन मंगलवार को भी जारी रहा। सभा भले अपने कोर वोटबैंक को लेकर खासी निश्चिंत दिखे लेकिन ‘पैराशूट प्रत्याशी’ का सर्वाधिक विरोध इसी की तरफ से किया जा रहा है। टिकट के प्रमुख दावेदार पूर्व सांसद भले खुद को पार्टी का सिपाही बताते हुए निर्णय स्वीकार करने के बयान दे रहे हैं लेकिन उनके सामने ही समर्थक खुल कर विरोध का एलान कर रहे हैं। विरोध जताने की खातिर एक खेमा लखनऊ तक रवाना हो चुका है लेकिन प्रत्याशी बदलने के आसार नहीं दिख रहे हैं।

कुछ यही दशा थी पिछले चुनाव में अजीत सिंह की

पिछले लोकसभा चुनाव तक पश्चिमी उत्तर प्रदेश में खासा आधार लगने वाले रालोद की दशा यह थी कि एक सीट पर प्रत्याशी को लेकर लोगों ने खासा विरोध किया। अजीत ने साफ शब्दों में कहा, प्रत्याशी तो बदलूंगा नहीं भले तुम लोग वोट मत देना। नतीजा, रालोद का सूपड़ा दो चुनावों में इस कदर साफ हुआ कि अब दो सीटों के गठबंधन के लिए मिन्नते करनी पड़ी। प्रत्याशी को लेकर नाराजगी जताने वाले क्षेत्र में इसी उदाहरण को दोहराते हुए कह रहे हैं कि टिकट को लेकर इसी तरह अखिलेश ने मनमानी की तो खामियाजा परिणाम के समय देखने को मिलेगा। लंबे समय तक जिसने पार्टी के लिए सब कुछ दिया उसे ऐन वक्त पर इस तरह निराश करना उचित नहीं था।

भाजपा खेमें में बढ़ा उल्लास

ताजा घटनाक्रम से भाजपा समर्थक खासे उल्लासित हैं। उसके प्रत्याशी डा. महेन्द्रनाथ पाण्डेय का नामांकन कराने के लिए बुधवार को खुद सीएम योगी आ रहे हैं। बड़ी संख्या में सपा के समर्थक इसमें भाजपा का झंडा-बिल्ला लिये दिखे तो हैरानी नहीं होनी चाहिये। सूत्रों की माने तो सपा से अलग होकर प्रसपा बनाने वाले शिवपाल की नजर भी इस घटनाक्रम पर है। एक-दो दिनों में वह कुछ चौंकाने वाली घोषणा कर सकते हैं।

Related posts