लखनऊ। सीजेएम संध्या श्रीवास्तव की अदालत से आईपीएस अधिकारी आईजी रूल्स एंड मैनुअल अमिताभ ठाकुर व उनकी एक्टिविस्ट पत्नी डा. नूतन ठाकुर को बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने नागरिक सुरक्षा विभाग में कार्यरत एक महिला कर्मी द्वारा आईपीएस अफसर तथा उनकी पत्नी सहित नागरिक सुरक्षा विभाग के अन्य कर्मियों के विरुद्ध कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न किये जाने संबंधी शिकायत खारिज कर दिया है। महिला कर्मी ने सीआरपीसी की धारा 156 (3) के तहत परिवाद दाखिल कर आरोप लगाया था कि अमिताभ ने उनके साथ लैंगिक सम्बन्ध बनाने का दवाब बनाया और ऐसा नहीं होने पर उन्हें सेवा संबंधी मामलों में विभिन्न प्रकार से प्रताड़ित किया था।

सीजेएम ने माना, विभागीय कार्रवई के चलते परिवाद

सीजेएम लखनऊ संध्या श्रीवास्तव ने अपने आदेश में कहा कि परिवादिनी का मुख्य आरोप विभागीय मामलों को ले कर है और जहां तक लैंगिक उत्पीड़न का आरोप है, वह आरोप अपने आप में निर्मूल प्रतीत होता है। कोर्ट ने कहा कि परिवादिनी तथा साक्षियों के बयान तथा तमाम अभिलेखों से स्पष्ट है कि उनके द्वारा विभागीय कार्यवाही से क्षुब्ध हो कर यह परिवाद दाखिल किया गया है। अत: उन्होंने अभियुक्तों को तलब करने का कोई आधार नहीं होने के कारण परिवाद निरस्त कर दिया।

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