राजनीति का नया अखाड़ा बना बीएचयू, अब सावरकर की प्रतिमा पर फेंकी गई स्याही

वाराणसी। पिछले एक पखवाड़े से बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी राजनीति का अखाड़ा बना हुआ है। वामपंथ और दक्षिणपंथ विचारधारा की लड़ाई तेज होने लगी है। एक तरफ जहां संस्कृत संकाय के छात्रों ने मुस्लिम असिस्टेंट प्रोफेसर की नियुक्ति को लेकर मोर्चा खोल रखा है तो वहीं अब कुछ छात्रों ने वीर सावरकर की फ़ोटो को उखाड़कर फेंक दिया। इस घटना के बाद यूनिवर्सिटी में हड़कंप मचा है।

राजनीति विज्ञान संकाय में राजनीति तेज

वीर सावरकर की फ़ोटो पॉलिटिकल साइंस डिपार्टमेंट में लगी थी। इसी बीच कुछ छात्रों ने उनकी फोटो उखाड़ फेंकी और उसपर स्याही फेंक दी। आरोप है आइसा से जुड़े छात्रों ने इस घटना को अंजाम दिया। सूचना मिलते ही एवीबीपी के छात्र भी सामने आ गए और हंगामा करने लगे। छात्र डिपार्टमेंट में ही धरने पर बैठ गए। मौके पर पहुंचे डीन ने सावरकर की प्रतिमा को दीवार पर लगवाया, तब कहीं जाकर मामला शांत हुआ। 
तीन साल पहले सभी कमरों में लगी थी फ़ोटो
पिछले पांच सालों से बीएचयू में दक्षिणपंथी विचारधारा से जुड़े संगठन मजबूत हुए हैं। यही कारण है कि तीन साल पहले पॉलिटिकल साइंस डिपार्टमेंट के सभी कमरों में महात्मा गांधी, भीमराव अंबेडकर और वीर सावरकर की फ़ोटो लगाई गई थी। खबर ये आ रही है कि आइसा से जुड़े कुछ छात्रों ने कुछ दिन पहले सोशल मीडिया पर सावरकर की फ़ोटो को उखाड़ फेंकने का एलान किया था।

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