वाराणसी। पारा चढ़ने के साथ बीएचयू परिसर में भी इन दिनों माहौल गर्माता जा रहा है। शनिवार की सुबह छात्रों के बीच पत्थरबाजी के बाद तनावपूर्ण शांति चल रही थी कि शाम को छात्राओं ने विरोध का बिगुल बजा दिया। बीएचयू परिसर के महिला महाविद्यालय गेट के बाहर छात्राओं ने प्रदर्शन किया और आजादी के नारे लगाकर बीएचयू प्रशासन के विरोध में नारेबाजी की। छात्राओं की नाराजगी चीफ प्राक्टर प्रोफेसर रोयना सिंह से थी जिनके इस्तीफे के मांग की गयी। बड़ी संख्या में छात्राओं ने पिछले साल हुए आंदोलन की याद दिलाते हुए कहा कि जो फर्जी मुकदमा कायम किया गया है उसे वापस नहीं लिया गया तो अंजाम भुगतना पड़ेगा। लंका एसओ का कहना था कि मुकदमा वापस ले लिया जायेगा जिसके बाद प्रदर्शनकारी शांत हुए।

दो दिन पहले लंका थाने में दर्ज हुआ था मामला

बीएचयू की चीफ प्रॉक्टर रोयना सिंह को उनके कार्यालय में घुस कर जानलेवा हमला करने के मामले में गुरुवार की शाम चीफ प्रॉक्टर रोयना सिंह तहरीर पर लंका थाने में 13 नामजद सहित 20 से 25 अज्ञात छात्रों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। तहरीर के मुताबिक बीएचयू में स्थित प्राक्टोरियल आफिस में बुधवार की शाम रोयना सिंह डा. निर्मला, डा. सीमा तिवारी व सुरक्षाधिकारी भैयालाल के साथ बैठ कर बात कर रही थी। इसी दौरान 40 से 50 की संख्या में छात्र काले गमच्छे से मुंह बांध कर हाथो में दफ़्टिया डंडे लेकर पहुचे सीधे मारपीट करने लगे। कार्यालय में लगे शीशे कुर्सी मेज तोड़ने बाद धमकी देते हुए भाग निकले थे। चीफ प्रॉक्टर की तहरीर पर मृत्युंजय मौर्या,लाल कर्ण ,शिवांगी चौबे, मिथिलेश कुमार गरिमा यादव, दीपक सिंह, रजत सिंह,अनूप कुमार, जय ,विकास, शाश्वत पारुल शुक्ला सहित अज्ञात के खिलाफ आईपीसी 147,148, 353, 332, 427, 504, 307, 395 मुकदमा दर्ज किया गया था।

परीक्षाओं के समय आंदोलन की राह

इन दिनों बीएचयू में प्रवेश परीक्षाओं के साथ सत्र परीक्षा चल रही है। ऐसे समय छात्राओं ने चीफ प्राक्टर को खिलाफ मोर्चा खोला और सडक पर उतरी हैं। छात्राएं मुकदमा वापस लेने के साथ चीफ प्राक्टर के इस्तीफे की मांग कर रही हैं। बीएचयू गर्म है और वीसी प्रो. राकेश भटनागर कैंपस में मौजूद हैं। अब देखना ये होगा कि छात्राओं के आक्रोश को शांत करने के लिये बीएचयू प्रशासन का अगला कदम क्या होता है?

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