वाराणसी। काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के अगले सत्र में दाखिले के लिए जंग शुरू हो चुकी है। शैक्षणिक सत्र 2018-19 के लिए 34 स्नातक, 125 परास्नातक और 58 डिप्लोमा कोर्स में प्रवेश के लिए पात्र अभ्यर्थियों से 22 जनवरी से आनलाईन आवेदन पत्र आमंत्रित किये गये थे जिसकी अन्तिम तिथि 21 फरवरी तक है। एशिया के सबसे ब़ड़े आवासीय विश्वविद्यालय होने का गौरव प्राप्त करने वाले बीएचयू के महत्वपूर्ण पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेने के लिए अभ्यर्थियों में तेजी से झुकाव बढ़ रहा है। पाठ्यक्रमों की लोकप्रियता का अनुमान इसी बात से लगाया जा सकता है कि पिछले साल 4 लाख 33 हजार आनलाइन आवेदन पत्र जमा हुए थे। इस बार आवेदन पत्रों की संख्या लगभग डेढ़ गुना से भी अधिक होने की उम्मीद है। अभ्यर्थियों से आग्रह है कि वे पूर्व में ही आनलाइन पत्र जमा कर ले ताकि अन्तिम समय में वेबसाइट व्यस्त होने सम्बन्धी जटिल स्थिति से निजात मिल सके ।

देश के कई शहरों में होगी प्रवेश परीक्षा

बीएचयू के पाठ्यक्रमों का वर्गीकरण सामान्य पाठ्यक्रम, व्यावसायिक पाठ्यक्रम तथा वृत्तिक पाठ्यक्रम के रूप में किया गया है। इन पाठ्यक्रमों में संयुक्त रूप से लगभग 12 हजार हैं। इस वर्ष चार अन्य शहरों यथा पटना,रांची,रायपुर व झांसी में भी परीक्षा केन्द्र होगा। इस प्रकार स्नातक और परास्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश हेतु परीक्षा देश के कुल 20 शहरों यथा जयपुर,भोपाल, पटना, रांची, रायपुर, बडौदरा, हैदराबाद, चेन्नई, कोच्ची, कोलकाता, भुवनेश्वर, गुवाहाटी, दीमापुर, झांसी, दिल्ली, इलाहाबाद, गोरखपुर, लखनऊ, मीरजापुर और वाराणसी में दिनांक 15 अप्रैल, 29 अप्रैल, 13 मई तथा 20 से 27 मई को आयोजित की जायेगी। प्रवेश अभ्यर्थियों की मेरिट के आधार पर होगा। अभ्यर्थियों को सलाह दी जाती है कि आवेदन पत्र जमा करने से पूर्व वे उस पाठ्यक्रम के प्रवेश परीक्षा की तिथि देख लें, जिसमें वे प्रवेश लेने के इच्छुक हैं। पाठ्यक्रम, आवेदन पत्र, परीक्षा तिथि इत्यादि संबंधी जानकारी तथा अन्य आवश्यक विवरण विश्वविद्यालय के प्रवेश परीक्षा पोर्टल पर उपलब्ध होंगे। अभ्यर्थियों को आवेदन पत्र जमा करने से पूर्व पाठ्यक्रम के लिए अपनी पात्रता की पुष्टि करना आवश्यक है। अत: अभ्यर्थियों को सलाह दी जाती है कि वे संबन्धित सूचना विवरणिका को ध्यान से पढ़ें।

आधार कार्ड हुआ अनिवार्य

बीएचयू ने आॅनलाइन आवेदन की प्रक्रिया के दौरान इस वर्ष से अभ्यर्थी/आवेदक के पहचान के लिए पहचान प्रमाणीकरण प्रणाली लागू करने का निर्णय लिया है। जम्मू-कश्मीर, असम और मेघालय के उन अभ्यर्थियों को छोड़कर जिनके पास आधार संख्या नहीं है, सभी भारतीय नागरिक अभ्यर्थियों को आॅनलाइन आवेदन प्रक्रिया के समय आधार आधारित प्रमाणीकरण से गुजरना आवश्यक होगा। आॅनलाइन आवेदन पत्र जमा करने के लिए आधार प्रमाणीकरण प्रक्रिया के बारे में विश्वविद्यालय की सार्वजनिक सूचना और उससे संबंधित प्रायरू पूछे जाने वाले प्रश्न प्रवेश परीक्षा पोर्टल पर उपलब्ध है।

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