त्रिपुरा : विधानसभा चुनाव में जीत के 48 घंटे के अंदर बीजेपी समर्थको ने जेसीबी की मदद से लेनिन की प्रतिमा को तोड़ दिया। प्रतिमा तोड़ने वाले भारत माता की जय !! के नारे लगा रहे थे। कई जगह हिंसक झड़पें हुई हैं।

यह प्रतिमा साउथ त्रिपुरा डिस्ट्रिक्ट के बेलोनिया सब डिविजन में चौराहे पर लगी थी।

प्रतिमा तोड़ने से पहले जेसीबी ड्राइबर को पिलाई शराब, वहां नारेबाजी कर रहे लोग पहने थे भाजपा की टोपी।

भगत सिंह फांसी दिए जाने से पहले जेल की कोठरी में पढ़ रहे थे लेनिन की पुस्तक ! जब जेलर ने कहा कि अब चलने का समय हो गया तो भगत सिंह बोले “ठहरो ! अभी एक क्रांतिकारी दूसरे क्रांतिकारी से हाथ मिला रहा है।”

21 जनवरी, 1930 को अदालत में लाल स्कार्फ लगाकर पहुंचे थे भगत सिंह। जैसे ही मजिस्ट्रेट कुर्सी पर बैठे उन्होंने लेनिन जिन्दाबाद के नारे लगाने शुरू कर दिए। इसके बाद भगत सिंह ने एक टेलीग्राम पढ़ा, जिसे वह लेनिन को भेजना चाहते थे। टेलीग्राम में लिखा था “लेनिन दिवस पर हम उन सभी लोगों को दिली अभिवादन भेजते हैं, जो महान लेनिन के विचारों को आगे बढ़ा रहे हैं। हम रूस में चल रहे महान प्रयोग की कामयाबी की कामना करते हैं।”

प्रख्यात पत्रकार कुलदीप नैयर की पुस्तक “द मार्टिर : भगत सिंह-एक्सपेरिमेंटस इन रेवोल्यूशन” में इसका उल्लेख मिलता है।

त्रिपुरा के बेलोनिया शहर के चौराहे पर लगी लेनिन की जिस प्रतिमा को जेसीबी से जीत की जश्न मनाने के दौरान तोड़ा गया उसे कलाकार कृष्ण देबनाथ ने बनाई थी। यह प्रतिमा 2013 में लगी थी। जो 11.5 फुट ऊंची थी। तीन लाख रूपये इसे बनाने पर खर्च हुआ था।

वरिष्ठ पत्रकार सुरेश प्रताप सिंह के फेसबुक वाल से…

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