भदोही। कुछ साल पहले हुए निर्भया कांड की बरसी के दिन 16 दिसंबर को शालीमारबाग इलाके में हुई वारदात ने एक बार फिर से दिल्ली को दहला दिया था। ब्वायफ्रैंड के साथ घूमने आयी एक किशोरी के साथ तीन दरिंदो ने बारी-बारी से गैंगरेप किया था। इस दौरान पीड़िता के संग मारपीट के साथ मोबाइल समेत दूसरे सामान छीन कर गैंगरेप के आरोपी लेकर चलते बने। प्रकरण सुर्खियों में आने के बाद दिल्ली पुलिस खासी दबाव में थी। सूचना मिली कि एक आरोपित भदोही में शरण लिये हैं जिस पर एसपी सचीन्द्र पटेल से मदद मांगी। एसपी ने स्वाट टीम प्रभारी अजय सिंह और गोपीगंज इंस्पेक्टर सुनील दत्त दुबे की टीम गठित कर गिरफ्तारी का टास्क सौंपा। कप्तान की उम्मीद पर खरी उतरते हुए स्वाट टीम ने आरोपित कमलेश सरोज को धर दबोचा। उसके कब्जे से पीड़िता का मोबाइल-जूते समेत दूसरे सामान बरामद हुए हैं। गिरफ्तारी के बाद दिल्ली पुलिस कमलेश को साथ लेकर गयी है।

एसटीएफ के वांछित को भी था दबोचा

कप्तान ने कार्यभार ग्रहण करने के कुछ दिनों के बाद नये सिरे से स्वाट टीम की गठन किया जिसके बाद से पूरी तरह से बदलाव दिखने लगा। कभी मामूली उचक्कों तक न पकड़ पाने वाली भदोही स्वाट टीम कभी एसटीएफ के चंगुल से बच निकलने वाल पर्चा साल्व करने वाले गिरोह के सरगना तो कभी बिहार के भगोड़े अपराधी को दबोच चुकी है। अब देश की राजधानी में गैंगरेप कर भाग निकलने वाले गैंगरेप के मुख्य आरोपी को भी सलाखों के पीछे पहुंचा दिया।

admin

No Comments

Leave a Comment