बलिया। देश में महिलायों के सुरक्षा की दंभ भरने वाली प्रदेश पुलिस शुक्रवार को किस तरह लाचार दिखी कि मामला थाने में सुलझाने के बजाय उसके मुख्य द्वारा पर एक महिला की पिटाई देखती रही। शर्मनाक रहा कि पीड़ित महिला को पुलिस घसीटती नजर आयी। वाकया नगरा थाना के मुख्य द्वार का है और यह वीडियो यूपी पुलिस की साख पर बट्टा लगाने के साथ ही योगी सरकार में महिलायो की दशा को बयां कर रहा है। दरअसल यह पूरा मामला चचया (नगरा) गांव का है। लखनऊ की रहने वाली गुंजन से गांव के विमल सिंह ने शादी की और शादी के कुछ दिन बाद विमल पत्नी गुंजन को छोड़कर भाग गया। जब पीड़ित गुंजन अपने पति का पता लगाते हुये बलिया पहुंची लेकिन पति के गाँव चचया पर उसे निराश ही मिला। थक हार कर गुंजन ने थाने पर शिकायत की तो रसड़ा सीओ ने न्याय का उमीद जगाकर पुन: वापस भेज दिया। आज थाने पर सीओ साहब ने मामले की सुनवाई के लिए दोनों पक्षो को थाने बुलाया तो विमल के घर के लोग भी थाने पहुचे तो गुंजन भी अपनी सहेली संग थाने पहुंच गयी

छह माह से पुलिस से रही थी आश्वासन

गुंजन की बातों को संज्ञान में लेकर नगरा एसओ ने विमल के घर पहुंचे। काफी बात विचार हुआ पर विमल हाथ नही लगा। सीओ रसड़ा के कहने पर की गुंजन आप लखनऊ जाओ और 10 दिन बाद आना, थक हार कर गुंजन फिर लखनऊ चली आई। लगातार इसी उम्मीद में आस लिये ये युवती बार बार लखनऊ से बलिया के नगरा थाने का चक्कर लगा रही थी। पिछले 6 माह से और सीओ रसड़ा इनको उम्मीद देते रहे। शुक्रवार को सीओ की मौजूदगी में गुंजन को न्याय मिलना था। सीओ रसड़ा भी आये और लड़का लड़की को बंद कमरे में बैठाए भी और जब दोनों को बाहर किया तो अजीबो गरीब बकया देखने को मिला कैसा इंसाफ हुआ? सीओ रसड़ा के मौजूदगी ने जरा आप भी इन वीडियो को देखे। कैसा इंसाफ है इस फरियादी महिला का क्या अपने पति से मिलने की उम्मीद से आई इस महिला को नगरा थाना और सीओ रसड़ा का यही इंसाफ है कि लखनऊ से आई इस फरियादी महिला की दोस्त को भी पीटा गया और उनके साथ बत्तमीजी भी हुई।

सीओ की मौजूदगी में वारदात, एसपी ने काटी कन्नी

गौर से देखिये कि महिलाओं की सुरक्षा की बड़ी-बड़ी बात करने वाली योगी सरकार की पुरुष पुलिस बगैर किसी महिला पुलिस के पीड़िता गुंजन को कैसे घसीटते ले जा रही है। पीडिता का वीडियो वायरल हो रहा है। गुंजन की सहेली का आरोप है की मेरी सहेली गुंजन को महिला पुलिस के बजाय पुरुष पुलिस घसीटते हुए थाने में ले गयी। यह सब ‘इंसाफ’ दिलाने का झांसा देने वाले सीओ की मौजूदगी में हुआ। शर्मनाक रहा कि एसपी खुद महिला है लेकिन इस मामले में टिप्पणी के बजाये फोन को काट दिया।

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