कांग्रेस के गले की ‘फांस’ बनी वकील की पिटाई, न्यायिक कार्य के बहिष्कार के बाद नौबत रपट दर्ज होने की आयी

वाराणसी। राजनीति में स्वस्थ विरोध की लोकतांत्रिक परम्परा रही है लेकिन अब विरोध का नारा सुनने के बाद हाथ चलने लगता है। खास यह कि देश में ‘असहिष्णुता’ की दुहाई देने वाली कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी के बुधवार को बहुप्रचारित रोड शो के दौरान ऐसा कुछ हुआ। आरोप है कि एंबुलेंस के लिए रास्ता देने का अनुरोध करने पर एक वकील के संग मारपीट ही नहीं की गयी बल्कि चेन तक छीनली गयी। कांग्रेसियों का कहना है कि वकील मोदी का नारा लगा रहा था जिस पर उसे सबक सिखाया गया। बहरहाल एक अधिवक्ता को मारपीट कर घायल करने व चेन छीन लेने के मामले में गुरुवार को अधिवक्ताओं के प्रतिनिधि मंडल ने एसएसपी अनंद कुलकर्णी से मुलाकात की।

सेन्ट्रल बार ने पास किया निंदा प्रस्ताव

अधिवक्ताओं ने एसएसपी से इस मामले में दोषी लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तारी करने की मांग की। एसएसपी ने अधिवक्ताओं से मुलाकात के बाद तत्काल लंका पुलिस को मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया। इसके पूर्व इस मामले में सेंट्रल बार एसोसिएशन के सभागार में अधिवक्ता रविप्रकाश श्रीवास्तव व विनय सिंह पिंटू के प्रस्ताव पर बैठक हुई। बैठक में अधिवक्ताओं ने एक स्वर में घटना की निंदा करते हुए इस मामले में पूरे दिन न्यायिक कार्य से विरत रहने, दोषियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तारी की मांग किया। बैठक व एसएसपी से मिलने वालों में सेंट्रल बार अध्यक्ष शिवपूजन सिंह गौतम, महामंत्री बृजेश मिश्रा, चंद्रशेखर सिंह, नागेंद्र सिंह, आशीष सिंह, देवेंद्र सिंह, अजय पाण्डेय, अभिषेक राय, संजीवन यादव समेत कई अधिवक्तागण शामिल थे। देर शाम इंस्पेक्टर लंका ने मुकदमा कायम होना स्वीकार किया है।

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