अफजाल की मौजूदगी पर भी सपा-बसपा कार्यकर्ताओं में ‘मार’, वीडियो वायरल होने के बाद ‘अनुशासन’ तार-तार

गाजीपुर। यह कोई पहला मौका नहीं था जब किसी रैली के दौरान गठबंधन के प्रमुख दल सपा और बसपा के समर्थक आमने-सामने आने के साथ आपस में भिड़ गये हैं। यह बात दीगर है कि पूर्वाचल के अपराध से लेकर राजनीति में खासा दखल देने वाले अंसारी परिवार के कार्यक्रम में ऐसा हो गया। दरअसल सोमवार को गठबंधन के प्रमुख नेताओं की जनसभा से पहले सपा-बसपा कार्यकर्ता एक-दूसरे से भिड़ ही नहीं गये बल्कि काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल पैदा कर दिया। घटनाक्रम उस समय हुआ जब मऊ के बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी के बड़े भाई अफजाल खुद मंच पर मौजूद थे। इसका वीडियो वायरल होने के बाद सफाई का सिलसिला आरम्भ हो चुका है। बहरहाल अब सफाई का दौर आरम्ब हो चुका है लेकिन यह स्पष्ट है कि दलों का अनुशासन तार-तार है जिसका परिणाम वोटिंग पर पड़ सकता है।

मायावती पहले ही दे चुकी है नसीहत

गौरतलब है कि कुछ ऐसा ही उस समय हुआ था जब मायवती और अखिलेश फिरोजाबाद के प्रत्याशी अक्षय यादव के समर्थन में जनसभा को संबोधित करने गये थे। इस पर मायावती ने साफ शब्दों में कहा था कि सपा के कार्यकर्ताओं को बसपा से अनुशासन सीखने की जरूरत है। यहां कुछ ऐसे शब्द नहीं इस्तेमाल हुए। कयास लगाये जा रहे है कि शीर्ष नेताओं को इसकी जानकारी नहीं दी गयी या जानबूझ कर मामले को नदरंदाज करने की कोशिश की गयी क्योंकि बसपा प्रत्याशी को लेकर अखिलेश के तेवर सही नहीं रहे थे।

अफजाल की इंट्री के बाद ही हुआ था विभाजन!

कहना न होगा कि अफजाल अंसारी ने पिछले विधानसभा चुनाव से पहले अपनी पार्टी कौमी एकदा दल का सपा में विलय कर लिया था लेकिन अखिलेश ने इसे ‘मंजूरी’ नहीं दी थी। उस समय प्रमुख प्रतिद्वंदी मायावती ने अंसारी परिवार को हाथो-हाथ लेने के साथ मुख्तार के अलावा उनके पुत्र अब्बास तक को टिकट दे दिया था। सपा के वोटरों का एक बड़ा समूह परिवार में विभाजन और शिवपाल समेत दूसरे अहम नेताओं को बाहर जाने का जिम्मेदार अंसारी परिवार को मानता है। वोटिंग से ठीक पहले हुई इस घटना से पुरानी रार एक बार फिर से असर दिखाने लगी है।

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