बैंककर्मी महेश जायसवाल हत्याकांड: चुनावी सीजन में ‘लिकर किंग’ को मिली जमानत

प्रयागराज। चुनावी सीजन चरम पर है और पहले दौर का मतदान होने से पहले ‘लिकर किंग’ के रूप में मशहूर प्रमुख होटल कारोबारी पूर्व सांसद जवाहर जायसवाल को हाइकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। जस्टिस राम कृष्ण गौतम की एकलपीठ ने सात साल पुराने बैंककर्मी महेश जायसवाल की हत्या के मामल में पूर्व सांसद की जमानत अर्जी मंजूर कर ली है। जवाहर के खिलाफ इसके अलावा भी कई मामले दर्ज हैं लेकिन सभी में जमानत मिल चुकी थी। पुलिस ने पूर्व सांसद को मध्य प्रदेश से गिरफ्तार करने के बाद कोर्ट में पेश किया था जहां से न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया था। जिला व सत्र न्यायालय ने जमानत अर्जी खारिज होने के बाद 12 जनवरी 2019 से पूर्व सांसद जेल में निरुद्ध हंै।

हाईकोर्ट के आदेश के बाद से कसा था शिकंजा

गौरतलब है कि महेश जायसवाल को बदमाशों ने अर्दली बाजार में गोलियों से छलनी कर दिया था। पुलिस ने इस मामले में एसटीएफ के साथ मुठभेड़ में मारे गये सन्नी सिंह समेत कई लोगों का नाम विवेचना के बाद खोला था। आरोपित का कहना था कि महेश धोखे में मारे गये जबकि निशाना गुड्डू जायसवाल थे। गुड्डू ने इसके बाद कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट के आदेश पर विवेचना में जवाहर के संग उनके पुत्र गौरव का नाम साजिशकर्ता के रूप में शामिल हुआ। सीजेएम कोर्ट से वारंट जारी होने के बाद छापेमारी की गयी। काफी समय के बाद पिता-पुत्र की गिरफ्तारी की गयी। गौरव को इस मामले में पिछले माह ही जमानत मिल चुकी थी।

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