वाराणसी। संगीन मामलों के आरोपित एमएलसी बृजेश सिंह पिछले एक दशक से अधिक समय से सलाखों के पीछे हैं। विभिन्न मामलों में उनकी पेशी भी होती रही है। बावजूद इसके बुधवार को सिकरौरा कांड की पेशी में कुछ अलग तरह का नजारा देखने को मिला। सीएम योगी के कार्यक्रम के बावजूद भारी संख्या में फोर्स लगायी गयी थी। एमएलसी लंबे समय से इस मामले में लगभग हर सप्ताह आते हैं लेकिन इस बार गेल से लेकर पोर्टिको तक अत्याधुनिक असलहों से लैस फोर्स दिख रही थी। यही नही समर्थक जो अमूमन सेन्ट्रल जेल से साथ में आते थे उनका बड़ा हिस्सा सुबह से कचहरी डट गया था। वह हर संदिग्ध को टोंक दे रहे थे। आने-जाने के समय काफिला भी लंबा दिखा।

दूसरे डॉन को निकल भी नहीं रहे

एमएलसी बृजेश तो इस वारदात के बाद नियमित रूप से पेशी पर आये लेकिन दूसरे डॉन तो हत्याकांड के बाद से अपनी बैरक में सिमट गये है। कचहरी में मौजूद समर्थक सोशल मीडिया पर वायरल हो रही समाचार पत्रों की चर्चा कर रहे थे जिसमें विधायक मुख्यार अंसारी से लेकर पूर्व सांसद अतीक अहमद के अपने बैरक से न निकलने का जिक्र था। बहरहाल एमएलसी के चेहरे पर भी गभीरता दिख रही थी।

अगली सुनवाई शुक्रवार को होगी

सिकरौरा कांड में मामले के सेकेड आईओ अमरेन्द्र कुमार वाजपेयी का बयान हुआ। इस मामले के पहले विवेचक सूर्यभान राय की मौत हो चुकी है। उनके अधीनस्थ रहे वाजपेयी का बयान दोपहर 3.30 तक जारी रहा। बयान पूरा होने के बाद बचाव पक्ष ने जिरह शुरू की जो अभी खत्म नहीं हो सकी है। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 13 जुलाई की अगली तिथि नियत की है।

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