लखनऊ। झांसी जेल में निरुद्ध माफिया डान प्रेम प्रकाश उर्फ मुन्ना बजरंगी को बड़ा झटका लगा है। एसटीएफ की गोरखपुर यूनिट ने फैजाबाद में जिला पंचायत की सदस्य के पति और प्रापर्टी डीलर रामचंद्र की हत्या करने आए दो शार्प शूटरों को धर-दबोच। आरम्भिक पूछताछ के बाद स्पष्ट हुआ कि मुन्ना बजरंगी के इशारे पर उसके लेफ्टीनेंट और अंबेडकर नगर के ब्लाक प्रमुख अजय सिपाही ने गुर्गे को हत्या करने के लिए भेजा था। वजह, कीमती जमीन में हिस्सा देने प्रापर्टी डीलर ने इनकार कर दिया था जिस पर उसकी हत्या की साजिश रची गई थी। यही नहीं फैजाबाद के बाद इलाहाबाद में भी एक व्यापारी की हत्या होनी थी जिसने रंगदारी देने से इनकार किया था।

रंगदारी का सिलसिला बरकरार रखने को होती हत्या

बजरंगी से जुड़े तारिक की लखनऊ में हत्या के बाद गिरोह की हनक कम हो रही है। रही सकी कसर शार्प शूटरों के पकड़े जाने से हो गयी। दूसरी तरफ गिरोह रंगदारी का धंधा बदस्तूर जारी रखना चाहता है। इसी लिए इनकार करने वालों को सबक सिखाने का प्लान तैयार किया गया था। इसकी भनक लगने पर एसटीएफ ने फैजाबाद से अजय सिपाही के करीबी रिश्तेदार अभिनव सिंह और धनेश यादव को दबोचा। फैजाबाद के स्वयंवर लॉन में हत्या करने के लिए दोनों शूटर रूके थे। तलाशी में उनके पास से पिस्टल-तमंचे के अलावा कारतूस और मोबाइल फोन बरामद हुआ है।

दीपू के जरिये बजरंगी से जुड़ा अजय सिपाही

पुलिस सूत्रों की माने तो जिन दिनों मुन्ना बजरंगी सुल्तानपुर जेल में निरुद्ध था उसी समय दीपू सिंह से सम्पर्क हुआ। दीपू इतना नजदीकी बन गया था कि मुन्ना का जेल में फोन वही रिसीव करता था। दीपू के जरिये अजय सिपाही जुडा और कुछ समय में खास बन बैठा। धनबाद (झारखंड) में डिप्टी मेयर नीरज सिंह की हत्या में शामिल अमन सिंह का करीबी साथी रहा है गिरफ्तार अभिनव सिंह। इस मामले में जल्द ही कुछ और गिरफ्तारियां हो सकती हैं जिसमें कछि सफेदपोश भी शामिल हैं।

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