लखनऊ। पश्चिम उत्तर प्रदेश ही नहीं बल्कि तीन प्रांतों की पुलिस के सिरदर्द बने चुके 2.5 लाख के इनामी बलराज भाटी के खात्मे से लोगों ने राहत की सांस ली है। सूत्रों की माने तो माफिया सुन्दर भाटी के लेफ्टीनेंट के रूप में पहचान बनाने के बाद बलराज ने इन दिनों पंख फैला लिये थे। सुन्दर भाटी के भतीजे से उसकी नहीं बन रही थी। वैसे भी आपरेश्न की कमान हरियाणा एसटीएफ ने संभाली थी और सटीक जानकारी के बाद यूपी एसटीएफ से सहयोग मांगा था। मुठभेड़ भी मैनेज नहीं बल्कि रीयल थी जो सैकड़ों लोगों के सामने हुई थी। बहरहाल लखनऊ पुलिस ने माफिया डान मुन्ना बजरंगी के साले पुष्पजीत उर्फ पीजे तथा उसके लेफ्टीनेंट तारिक की दुस्साहसिक ढंग से हुई हत्याओं में बलराज की भूमिका की पड़ताल कर रही है। माना जाता है कि पूर्वांचल के एक दूसरे बाहुबली से करीबी संबंधों के चलते सुन्दर भाटी ने अपने गुर्गों से इसे अंजाम दिलाया था।

गर्लफ्रैंड कनेक्शन की पड़ताल से मिले सुराग

हरियाणा एसटीएफ काफी दिनों से बलराज भाटी की तलाश में थी। इस दौरान पता चला कि मूल रूप से बुलंदशहर निवासी बलराज के नोएडा में कई महिलाओं से ‘करीबी’संबंध हैं। इनमें से कुछ के लिए तो उसने फ्लैट लेकर अय्याशी के इंतजाम कर रखे हैं। इन दिनों सुन्दर भाटी से दूरी बनाते हुए वह अपना गैंग बढ़ा रहा है। ऐसी ही सटीक सूचना पर बलराज की घेराबंदी हुई थी। सेक्टर 49 स्थित मकान से निकलने के बाद उसे रोकने का प्रयास किया गया लेकिन बलराज ने अपने साथियों के संग फायरिंग शुरू कर दी। गोलीबारी में हरियाणा एसटीएफ के दो जवानों के संग चार लोगों को गोली लगी। सेक्टर 41 की तरफ भागते समय दोनों साथी तो भागने में सफल रहे लेकिन पैर में गोली लगने के बाद बलराज एक अस्पताल की तरफ भागा जहां क्रास फायरिंग का शिकार बन गया।

जहां लेता शरण वहां भी करता अपराध

बलराज भाटी भले ही बुलंदशंहर का रहने वाला था और पश्चिम उत्तर प्रदेश में अपराध किये थे लेकिन दिल्ली और हरियाणा की सरकार ने एक पर एक-एक लाख के पुरस्कार की घोषणा कर रखी थी। दूसरी तरफ उत्तर प्रदेश में उस पर 50 हजार का ही इनाम था। उसके बारे में मशहूर था कि जहां शरण लेता वहां भी अपराध करने से नहंी चूकता था। फिलहाल गोपनीय ढंग से पूर्वांचल कनेक्शन और यहां शरण लेने से लेकर दूसरी जानकारी जुटायी जा रही है।

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