भदोही। ज्ञानपुर विधानसभा के निर्दलीय विधायक विजय मिश्रा को भले विरोधी बाहुबली कहते हो लेकिन जनसस्याओं को लेकर वह संवेदनशील रहते हैं। क्षेत्र में लोकप्रियता का नतीजा चार बार विधायक चुना जाना ही नहीं है बल्कि वह किसी पार्टी के मोहताज नहीं रहे। दिल्ली में केंद्रीय सड़क परिवहन एंव राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात के बाद एक बार से विधायक चर्चा में है। विधायक का कहना है कि अपने विधानसभा क्षेत्र में काफी समय से लंबित चल रहे कई विकास कार्यों को लेकर केन्द्रीय मंत्री से मुलाकात की गयी थी। केन्द्रीय मंत्री से धनतुलसी डेंगुरपुर गंगा घाट पर पक्का पुल के साथ ज्ञानपुर-दुर्गागंज मार्ग को बनाये जाने की मांग की गयी है। विजय मिश्र की माने तो केन्द्रीय मंत्री ने उनके मांगो पर सहमति प्रदान करते हुए इससे संबंधित प्रस्ताव तत्काल भेजने के आदेश दिये हंै।

लोकसभा चुनाव में रह चुकी है दावेदारी

गौरतलब है कि पिछले लोकसभा चुनाव के दौरान विजय मिश्र सपा में थे और पार्टी ने उनकी पुत्री सीमा मिश्र को प्रत्याशी घोषित किया था। भाजपा की लहर के बावजूद सीमा मिश्रा ने तगड़ी चुनौती पेश की थी। यह बात दीगर है कि इसके बाद पिछले विधानसभा चुनाव से पहले ही उनके सपा सुप्रीमो अखिलेश के साथ रिश्ते खराब होते गये। अलबत्ता भदोही के सांसद विरेन्द्र सिंह मस्त के संग से नजदीकियां बढ़ती गयी। विजय मिश्र भले निषाद पार्टी के टिकट पर चुने गये थे लेकिन उन्होंने राष्ट्रपति से लेकर राज्यसभा और विधान परिषद चुनावों में खुल कर भाजपा का साथ दिया। चर्चाओं के मुताबिक भदोही सीट पर विजय मिश्र की दावेदारी हो सकती है। बहरहाल विधायक ने इस पर टिप्पणी करने से इनकार करते हुए कहा कि जिन मांगों को लेकर वह केन्द्रीय मंत्री से मिले वह काफी समय से लंबित थी। तत्कालीन सरकारों ने ध्यान ही नहीं दिया था। यह विकास कार्य मूर्त रूप लेते हैं तो सभी को इसका लाभ होगा।

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