नई दिल्ली। माफिया से माननीय बने बाहुबली एमएलसी बृजेश सिंह को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। मकोका मामले में सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले को बरकरार रखा है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार कोर्ट ने कहा था बृजेश पर मकोका के तहत मुकदमा नहीं चल सकता क्योंकि उन्होंने दिल्ली में संगठित अपराध को अंजाम नहीं दिया है। इससे पहले बृजेश सिंह को पटियाला हाउस कोर्ट ने मकोका से बरी किया था। हत्या समेत संगीन मामलों के आरोपित बृजेश सिंह की भुवनेश्वर (उड़ीसा) से गिरफ्तारी के बाद स्पेशल सेल ने मकोका लगाया था। खास यह कि कोयला व्यापारी सुधीर सिंह से रंगदारी के रूप मे 50 लाख रुपये मांगने के जिस मामले में बृजेश की गिरफ्तारी हुई थी उसकी बुधवार को तारिख थी लेकिन वह कोर्ट नहीं पहुंचे थे।

दस साल पहले दर्ज हुआ था रंगदारी का मामला

सुधीर सिंह ने 28 अगस्त 2007 को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल में रंगदारी का मामला दर्ज कराया था। आरोप था कि बृजेश ने कोयला कारोबार करने की खातिर 50 लाख रुपये रंगदारी के रूप में मांगा था। इस मामले के बाद स्पेशल सेल बृजेश के पीछे पड़ गयी और उड़ीसा में नाटकीय ढंग से गिरफ्तार किया। उस समय बृजेश पर पांच लाख का पुरस्कार घोषित था। रंगदारी के इस मामले में जमानत अर्जी दिल्ली हाईकोर्ट से खारिज हो चुकी है। सुधीर को पहले पुलिस की सुरक्षा मिली थी लेकिन सूबे में सत्ता परिवर्तन के कुछ समय पपहले अचानक ही सुरक्षा हटा ली गयी। सम्भवत: यही कारण है कि वह मामले की पैरवी के लिए दिल्ली नहीं जा रहे हैं। बुधवार को कोर्ट में पेशी के लिए वह नहीं पहुंचे और वकील की तरफ से सुरक्षा मुहैया कराने का प्रार्थनापत्र दिया गया।

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