बाहुबली मुख्तार के ‘अर्थतंत्र’ पर जारी है ‘प्रहार’, स्टैंड वसूली, बूचड़खान ेके बाद मछली के कारोबार पर ‘वार’

मऊ। मोहम्मदाबाद (गाजीपुर) भाजपा विधायक कृष्णानंद राय की हत्या से पहले जेल की सलाखों में निरुद्ध बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी की परेशानियां बढ़ती जा रही हैं। डेढ़ दशक से अधिक समय जेल में बीत चुका हो लेकिन उनके ‘आर्थिक साम्राज्य’ पर जिस तरह से चोट अब पड़नी शुरू हुई है उससे करीबी भी किनारा कसने लगे हैं। पिछले दो दिनों में वाहनों से वसूली करने वालों और अवैध बूचड़खाने से मांस का कारोबार करने वालों के बाद मुख्तार अंसारी के नजदीकी सहयोगी मछली माफिया पारस सोनकर के विरुद्ध शिकंजा कसा है। पारस के खिलाफ न सिर्फ मुकदमा दर्ज किया गया है बल्कि 12 लाख की कीमत की 10600 किलो मछली, एक ट्रक संग एक पिकअप जब्त किया गया है।

संयुक्त कार्रवाई में तीन गिरफ्तार

पुलिस व जिला प्रशासन ( खाद्य सुरक्षा विभाग व मत्स्य विभाग) की संयुक्त टीम ने जनपद में मछली के विधि-विरुद्ध तरीके से किये जा रहे व्यापार पर कार्यवाही करते हुए आज थाना मोहम्दाबाद पर आईपीसी की धारा 188 व269, धारा 03 महामारी अधिनियम 1897, 05/08 पर्यावरण संरक्षण अधिनियम 1986 व 31(1)/63 खाद्य सुरक्षा व मानक अधिनियम 2006 के अंर्तगत 3 के विरुद्ध दर्ज कर तीनों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार आरोपितों में पारसनाथ सोनकर निवासी इदारतगंज थाना मोहम्दाबाद, मो इस्माइल निवासी व्यूरु थाना टॉउन स्टेशन आंध्र प्रदेश ( ट्रक चालक) तथा छोटई सोनकर निवासी हलिमाबाद शामिल हैं।

बिहार तक होती थी सप्लाई

गौरतलब है कि पारसनाथ सोनकर के द्वारा मछली के व्यवसाय को विधि विरुद्ध तरीके से संचालित कर आस पास के कई जिलों व सीमावर्ती प्रदेश बिहार में सप्लाई किया जाता रहा है। पुलिस को गोपनीय जानकारी होने के बाद सभी विभागों से समन्वय स्थापित कर यह कार्यवाही की गई है। यह भी महत्वपूर्ण है कि पारसनाथ सोनकर का जुड़ाव मुख्तार अंसारी गिरोह से रहा है एवं इस व्यवसाय से अर्जित धन को इस गैंग के गुर्गों को सुविधाएं उपलब्ध कराने में इस्तेमाल करने की बात भी प्रकाश में आई है।

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